आई विटनेस न्यूज 24, सोमवार 6 जून,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री तक भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए दिन रात अथक प्रयास कर रहे हैं किंतु डिण्डौरी जिले में भ्रष्ट व्यवस्था सेंध मार रहा है पंचायत चुनाव में किसी भी भ्रष्टाचारी को चुनाव लड़ने की पात्रता नहीं है डिण्डौरी जिले के कलेक्टर रत्नाकर झा ने आदेश जारी कर अधीनस्थो को आदेशित किया है कि किसी भी भ्रष्टाचार के आरोपी, दंडित को अदेय प्रमाण पत्र न दिया जाए। किंतु जनपद पंचायत शहपुरा के ग्राम पंचायत अमेरा का एक मामला सामने आया है,जहाँ भरष्टाचारी पूर्व सरपंच को पंचायत द्वारा अदेय प्रमाण पत्र दिया गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार
पूर्व सरपंच को भ्रष्टाचार के आरोप में सन् 2010 के पहले अनुविभागीय दंडाधिकारी शहपुरा द्वारा धारा 40 के तहत हटाया गया था उसे ग्राम पंचायत अमेरा द्वारा अदेय प्रमाण पत्र दिया गया है जबकि पति पत्नी दोनों पर 5-10 लाख रुपये की रिकवरी है किंतु भ्रष्टाचार के आरोपी को ग्राम पंचायत अमेरा द्वारा अदेय प्रमाण पत्र नियमों को ताक पर रखकर दिया गया है अभी जनपद पंचायत शहपुरा द्वारा अदेय प्रमाण पत्र मिलना बाकी है।ग्रामीणों की जिला प्रशासन से अपेक्षा है भ्रष्टाचार के आरोपियों को चुनाव न लड़ने दिया जाये तभी गाँव भ्रष्टाचार मुक्त होंगे।
जिले में यदि खंगाला जाये तो ऐसे और भी मामले मिल सकते है।
