जनपद डिंडोरी अंतर्गत ग्राम पंचायत सरहरी का मामलाशिकायतकर्ता को झूठे आरोप में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है
राजेश ठाकुर की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 9 जून,डिंडोरी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत सरहरी के रोजगार सहायक मलींद्र सिंह की शिकायतों की जांच जनसुनवाई अंतर्गत डिंडोरी जनपद से ग्यारह सदस्यीय जांच दल में रोजगार सहायक को दोषी करार देते हुए उसके विरुद्ध पंचायत से तबादल एवं पद से पृथक की कार्यवाही की गई थी परन्तु कुछ दिन बाद रोजगार सहायक को फिर से ग्राम पंचायत सरहरी में पदस्थ कर दिया गया जिसके चलते पुनःजनसुनवाई अंतर्गत जिला कलेक्टर के आदेश में तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर महेश मंडलोई द्वारा रोजगार सहायक की शिकायतों का जांच किया गया जिसमें रोजगार सहायक दोषी पाया गया, दोषी रोजगार सहायक को डिप्टी कलेक्टर के कार्यवाही से बचाने के लिए डिप्टी कलेक्टर के बाद जिला पंचायत के आदेश में जिला पंचायत एवं आर ई एस विभाग द्वारा जांच किया गया जो जांच नियम के विरुद्ध है तत्पश्चात पुनः जनसुनवाई अंतर्गत जिला कलेक्टर के आदेश में रोजगार सहायक के विरुद्ध दर्ज शिकायत सी एम हेल्पलाइन 16620727 की जांच मनरेगा परियोजना अधिकारी जिला पंचायत डिंडोरी एवं मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत डिंडोरी द्वारा जांच किया गया जिसमें रोजगार सहायक दोषी पाया गया परंतु रोजगार सहायक के विरुद्ध संबंधित अधिकारीयों द्वारा कार्यवाही न करते हुए साजिश के तहत फर्जी शिकायत का झूठा आरोप लगाकर शिकायतकर्ता को फसाने की धमकियां दी जा रही है।
शिकायतकर्ता ने एस पी को शिकायत करते हुए बताया कि थाना डिंडोरी में शिकायतकर्ता को बुलवाया जा रहा है परंतु शिकायतकर्ता को थाना डिंडोरी में उपस्थित होने से डर लग रहा है क्योंकि यह लोग मेरे साथ कोई भी घटना को अंजाम दे सकते हैं चूंकि इसी शिकायत के चलते शिकायतकर्ता त्रिलोक चौहान को पंचायत वाले साजिश करके 11जुलाई 2020दिन शनिवार को न्यायलय में बिना पेश किए ही जेल भेजवा दिए थे तथा 13जुलाई 2020दिन सोमवार को रिहाई होने पर भी शिकायतकर्ता की न्यायालय में पेशी नहीं हुई थी जिसकी शिकायत एस पी और जिला कलेक्टर को किया गया था।
शिकायतकर्ता द्वारा एस पी जिला डिंडोरी से प्रार्थना किया गया है कि उक्त शिकायत की उच्चस्तरीय जांच करवाते हुए दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
