डिन्डोरी मध्यप्रदेश के सभी जिलों में लगभग 72500 अतिथि शिक्षक विगत सोलह वर्षों से बहुत ही अल्प मानदेय पर सेवाएं देते अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा निकट भविष्य में नियमित रोजगार ही जाने की उम्मीद लगाए ईमानदारी से देते आ रहे हैं। अब अधिकार लोगों की उम्र नी इतनी हो चुकी है, कि शिक्षकीय कार्य के अलावा अन्य कोई काम करने की स्थिति में नहीं हैं। अतिथि शिक्षक का काम करते री-धोकर जीवन जीते सैकड़ों लोग काल को गाल में समा चुके है। जिस और शासन तनिक सा भी विचार में करते हुए नियमितीकरण तो दूर रहा चाहे जब काम से अलग करते रहने की प्रक्रिया बंद नहीं हो पा रही है. जो अत्यत दूख का विषय है। शासन के द्वारा समय-समय पर जारी नीतियों को चलते अधिकतम अनुभवी अतिभि शिक्षक भी बहुत बड़ी संख्या में काम से बाहर होते जा रहे है, जो अब भी रोजी-रोटी के लिए दर-दर भटकते अतिथि शिक्षक की कान में फिर से नौका दिए जाने का इंतजार कर रहे हैं। अब अतिथि शिक्षकों पर गहराती जा रही समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए ठोस नीति बनाकर भविष्य सुरक्षित किया जाये।
अतिथि शिक्षकों द्वारा मांग की गई कि 2 सितम्बर 2023
को भोपाल पंचायत बुलाकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषाणानुसार
शिक्षा गांरटी गुरुजियों की भाँति विभागीय पात्रता परीक्षा, शिक्षकों की सीधी
मही में पचास प्रतिशत आरक्षण, वार्षिक अनुबंध करके रोजगार में निरंतरता लाई जाए, साथ ही
घोषणानुसार अधिकमत पाँच सत्रों के प्रतिशत 4 अंक ही नहीं बल्कि पूरे कार्य दिवसों
की गणना करते हुए अधिकतम कार्य दिवसों के आधार पर बोनस अंक दिये जाने के आदेश जारी
किए जाए।
पूर्व मुख्य मंत्री के
घोषणानुसार कार्यानुभवी अतिथि शिक्षकों के नए स्कोर कार्ड में 4 तथा प्रति सत्र के
हिसाब से अधिकतम पूरे कार्य वर्षों के अनुभव के अंक जोडे जाएं। स्कोर कार्ड में 2005.2018, 2023 पात्रता
परीक्षा पास के साथ 2008 और 2011 वालों की जानकारी भी दर्ज कराई
जाये। 30 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम
बाले अतिथि शिक्षकों को काम पर नहीं रखने के आदेश वापस लेते हुए एक अवसर और दिया
जाये। विगत महीनों का लंबित भुगतान शीघ्र कराते हुए प्रतिमाह मानदेय भुगतान की
व्यवस्था की जाएं। अतिथि शिक्षकों भर्ती प्रक्रिया में अधिकतम कार्य दिवसों के
आधार पर अनुभवी अतिथि शिक्षकों को प्रथम वरीयता देते हुए विगत सत्र में कार्यरत्
अतिथि शिक्षकों को अधिकतम अनुभव के आधार पर यवक्त रखा जायें।
पूर्व मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा
12 माह का कोरोना काल एवं 12 माह का
मानदेय देने की घोषणा किया गया था।ये सब 10 प्रकार की मांगे रखी गई हैं
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