आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 2 जनवरी, आजाद अध्यापक शिक्षक संघ मध्य प्रदेश के प्रांत अध्यक्ष भाई भरत पटेल के नेतृत्व में शुक्रवार को अंबेडकर पार्क, भोपाल में प्रदेश स्तरीय शिक्षक महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में शिक्षक साथी शामिल हुए।
डिंडोरी जिले से जिलाध्यक्ष देवेन्द्र दीक्षित के नेतृत्व में लगभग एक हजार शिक्षक भोपाल पहुंचे।महासम्मेलन में प्रांत अध्यक्ष भरत पटेल ने शिक्षकों की लंबे समय से लंबित प्रमुख मांगों को दोहराते हुए कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा गुरुजी, शिक्षा कर्मी और संविदा शिक्षकों के साथ वर्षों से भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता रहा है।
उन्होंने शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना करते हुए ग्रेच्युटी और पेंशन का लाभ देने, ई-अटेंडेंस प्रणाली समाप्त करने, एनपीएस के स्थान पर ओपीएस लागू करने, लंबित क्रमोन्नति आदेश और एरियर भुगतान, जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों व विद्यालयों को स्कूल शिक्षा विभाग में मर्ज करने, और दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों को बिना शर्त अनुकंपा नियुक्ति देने जैसी प्रमुख मांगों को रखा।इसी के साथ अतिथि शिक्षकों के नियमितिकरण, अवकाश अवधि में मेडिकल बीमा लाभ, तथा हड़ताल अवधि के कटे वेतन के भुगतान की भी मांग की गई। भरत पटेल ने कहा कि शिक्षक समाज के भविष्य निर्माता हैं और अगर वे असंतुष्ट हैं, तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है। सरकार को शिक्षकों की जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।महासम्मेलन को स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने मोबाइल फोन के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।संघ ने आज ही मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को अपनी 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। संघ के पदाधिकारी आगामी दो दिनों तक भोपाल में रहकर विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों से इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे।कार्यक्रम में ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लाइज फेडरेशन (AINPSEF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल भी उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षकों की मांगों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से शीघ्र समाधान की अपील की।



