प्रांतीय शिशुवाटिका ECCE दक्षता वर्ग डिंडोरी में सप्तम दिवस पर आज मा.अमित दवे प्रांत संगठन मंत्री विद्या भारती महाकोशल प्रांत) का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा शिशुवाटिका शिक्षा की नींव है,आधार है इस आयु में शिशु को जिस तरह बनाना चाहते हैं वैसा ढाल सकते हैं शिशु हमारे राष्ट्र का भविष्य है ।शिशु शिक्षा मातृभाषा में होनी चाहिए ।इस आयु में शिशु को सुसंस्कारित अनुशासन के गुण विकसित किए जा सकते हैं।जिस उद्देश्य हेतु प्रशिक्षण वर्ग अयोजित किए जाते हैं उस उद्देश्य की पूर्ति हेतु उन्होंने सभी प्रशिक्षार्थियों से अपेक्षा की जो भी इस प्रशिक्षण वर्ग में सीखा उसे अपने अपने विद्यालय में करने का पूर्ण प्रयास करें।भाषा और वेशभूषा के संदर्भ में आदरणीय संगठन मंत्री जी ने कहा की हमारी भाषा और हमारी वेशभूषा ही हमारी पहचान है और समाज में इसे जीवंत बनाए रखना हमारा कर्तव्य है


