आई विटनेस न्यूज 24, रविवार 23 फरवरी,डिंडोरी: पीडब्ल्यूडी विभाग में इन दिनों हलचल मची हुई है। विभाग के कार्यपालन यंत्री संतोष ठाकुर के तबादले के बाद अवकाश के दिनों में भी काम तेजी से चल रहा है। विभाग के अधिकारियों और बाबुओं पर पुराने डेट में करोड़ों के भुगतान का आरोप लग रहा है।
शनिवार को जब कार्यालय अवकाश पर था, तब भी रिटायर्ड चंदेल बाबू काम करते हुए दिखाई दिए। इतना ही नहीं, रविवार को भी एक कर्मचारी ठेकेदारों के भुगतान की फाइलों को निपटाने में व्यस्त नजर आया। जब इस संदर्भ में सवाल किया गया, तो संबंधित बाबू ने उल्टा ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाने की कोशिश की।
हालाँकि ऐसा देखा गया है कि आकाश के दिनों में भी कार्यालयों में महत्वपूर्ण कार्यों को लेकर काम होते है मगर यदि सब सही चल रहा है तो फिर बताने में इतनी आपत्ति क्यों? सवाल पूछे जाने पर कर्मचारी का इस तरह झल्लाना देख इस बात से इनकार नही किया जा सकता कि कुछ बात तो है जिसे दबे झुपे तरीके से अवकाश के दिनों में रफा दफा किया जा रहा है?
जानकारी के अनुसार, कार्यपालन यंत्री संतोष ठाकुर का तबादला ठेकेदारों से कमीशन लेने के आरोपों के बाद किया गया है। वहीं, चंदेल बाबू, जो एक साल पहले रिटायर हो चुके हैं, अब भी विभाग में सक्रिय हैं। सूत्र बताते है कि पूर्व में भी उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं और उनके खिलाफ कार्यवाही भी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद वह कार्यालय में कार्य करते हुए पाए जा रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए कयासों के बाजार गर्म हो चले है,साथ ही पूरे घटनाक्रम को देखते हुए साफ हो रहा है कि अधिकारी के तबादले के बाद भी पीडब्ल्यूडी विभाग में भ्रष्टाचार का खेल जारी है और अधिकारियों की शह पर ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिशें हो रही हैं? इस मामले को लेकर विभागीय जांच की मांग भी उठ रही है।

