आई विटनेस न्यूज 24, मंगलवार 13 जनवरी, शहर के सबसे व्यस्त मुख्य बाजार मार्ग पर इन दिनों पुराने डिवाइडर को तोड़कर नए डिवाइडर का निर्माण तेजी से चल रहा है। लेकिन निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही से पुराने डिवाइडर की भरी मिट्टी को सड़क पर ही फैका दिया गया है। अब हर वाहन गुजरते ही धूल के घने-घने गुबार उड़ रहे हैं। इस धूलभरे तूफान से राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली छात्रों और आसपास के दुकानदारों को भयंकर परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह वही मुख्य मार्ग है, जो मुख्य बस्ती से होकर गुजरता है और जहां कलेक्टर से लेकर सभी जिम्मेदार अधिकारी रोजाना गुजरते हैं।धूल की मार इतनी तेज है कि लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कत हो रही। आंखों में जोरदार जलन, लगातार खांसी और गले में खुजली जैसी परेशानियां आम हो गई हैं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। एक राहगीर ने बताया, "धूल इतनी उड़ती है कि आंखें खोलना मुश्किल हो जाता है। बच्चे स्कूल जाते समय सबसे ज्यादा परेशान होते हैं।" वहीं, स्थानीय दुकानदार परेशान हैं कि उड़ती धूल से उनकी दुकानों का सामान धूल से सन जाता है। ग्राहक आने से कतरा रहे हैं, जिससे उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा। एक दुकानदार बोले, "सामान पर धूल जम रही है, नुकसान हो रहा, "सबसे बड़ी चिंता यह है कि ठेकेदार ने न तो सड़क पर पानी का छिड़काव कराया और न ही निर्माण स्थल की मजबूत घेराबंदी की। खुले में फैली मिट्टी से वाहनों का आवागमन खतरनाक हो गया है। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, खासकर व्यस्त समय में। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है- "तुरंत धूल रोकने के लिए पानी छिड़काव शुरू कराएं, ठेकेदार को सख्त निर्देश दें और सड़क को जल्द व्यवस्थित करें। आम आदमी को इस धूल के जुल्म से राहत दिलाएं!"
आई विटनेस न्यूज 24, मंगलवार 13 जनवरी, शहर के सबसे व्यस्त मुख्य बाजार मार्ग पर इन दिनों पुराने डिवाइडर को तोड़कर नए डिवाइडर का निर्माण तेजी से चल रहा है। लेकिन निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही से पुराने डिवाइडर की भरी मिट्टी को सड़क पर ही फैका दिया गया है। अब हर वाहन गुजरते ही धूल के घने-घने गुबार उड़ रहे हैं। इस धूलभरे तूफान से राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली छात्रों और आसपास के दुकानदारों को भयंकर परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह वही मुख्य मार्ग है, जो मुख्य बस्ती से होकर गुजरता है और जहां कलेक्टर से लेकर सभी जिम्मेदार अधिकारी रोजाना गुजरते हैं।धूल की मार इतनी तेज है कि लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कत हो रही। आंखों में जोरदार जलन, लगातार खांसी और गले में खुजली जैसी परेशानियां आम हो गई हैं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। एक राहगीर ने बताया, "धूल इतनी उड़ती है कि आंखें खोलना मुश्किल हो जाता है। बच्चे स्कूल जाते समय सबसे ज्यादा परेशान होते हैं।" वहीं, स्थानीय दुकानदार परेशान हैं कि उड़ती धूल से उनकी दुकानों का सामान धूल से सन जाता है। ग्राहक आने से कतरा रहे हैं, जिससे उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा। एक दुकानदार बोले, "सामान पर धूल जम रही है, नुकसान हो रहा, "सबसे बड़ी चिंता यह है कि ठेकेदार ने न तो सड़क पर पानी का छिड़काव कराया और न ही निर्माण स्थल की मजबूत घेराबंदी की। खुले में फैली मिट्टी से वाहनों का आवागमन खतरनाक हो गया है। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, खासकर व्यस्त समय में। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है- "तुरंत धूल रोकने के लिए पानी छिड़काव शुरू कराएं, ठेकेदार को सख्त निर्देश दें और सड़क को जल्द व्यवस्थित करें। आम आदमी को इस धूल के जुल्म से राहत दिलाएं!"

