स्वच्छता परिसर में गंदगी का आलम ऐसा की अंदर जाना भी दुशवारओ, डी, एफ, प्लस का दावा फाइलों में दफनराजेन्द्र तंतवाय की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, शुक्रवार 27 फरवरी, आदिवासी बाहुल्य जिले में सरकार की अति महत्वकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन सरकारी फाइलों तक सिमटी नजर आती है! लाखों की लागत से प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाये गये थे इनके निर्माण के बाद न तो जनपद के जिम्मेदारों ने इनके रखरखाव एवं उपयोग की की जिम्मेदारी तय की और न ही पंचायत के सरपंच और सचिव ने नतीजा यह हुआ की अपवाद स्वरूप कुछ एक पंचायतों में तो इनका उपयोग हो रहा है! लेकिन ज़्यदातर ये स्वच्छता परिसर खंडहरों में तब्दील होने के साथ गंदगी से ऐसे सरावोर हैं! की अंदर जाना भी दुसवार है!
ऐसा ही मामला है! जनपद पंचायत डिंडोरी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कसईसोढ़ा का जहां स्वच्छता परिसर के अंदर गंदगी का आलम ऐसा की खड़ा होना भी दूभर है!इस ओर न सरपंच संजीदा हैं और न सचिव ऐसे में शासकीय राशि से निर्मित स्वच्छता परिसर के निर्माण पर ही निरुत्तर सवाल खड़े हो रहे हैं! उल्लेखनीय है! कि स्वच्छता परिसर के पीछे ही शासकीय प्राथमिक कन्या शाला भवन है! जहां छोटी बच्चियां अध्यनरत हैं!यहां भी शराब की बोतल डिस्पोजल के साथ गंदगी का अंबार लगा हुआ है!
शाला भवन के बाजू में ही पुराना पंचायत भवन है! जहां दो चार दिनों से किसी की गाय बीमार अवस्था में कमरे के अंदर पड़ी हुई थी जिसकी मौत हो चुकी है!जिसकी दुर्गन्ध भी अमजनों के लिए मुसीबत बन गई है!
ग्रामीणों की माने तो इन्होंने स्वच्छता परिसर सहित शाला भवन और पुराने पंचायत भवन में व्याप्त गंदगी को लेकर अनेकों बार सरपंच सचिव को अवगत कराया लेकिन सरपंच सचिव को जनहित की समस्याओं से जरा भी सरोकार नहीं हैग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल सफाई और व्यवस्था सुधार की मांग की है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी जा रही है। स्वच्छता का दावा करने वाले तंत्र के लिए यह स्थिति किसी तमाचे से कम नहीं है।






