ओमप्रकाश परस्ते की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, बुधवार 18 फरवरी,जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई उस समय भावुक और गंभीर मोड़ पर आ गई, जब ग्राम चटुआ निवासी किसान उमेश्वर सिंह ठाकुर अपनी जमीन के सीमांकन और अतिक्रमण विवाद से परेशान होकर बच्चों की तरह घिसटते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचे। आंखों में आंसू और चेहरे पर आक्रोश के साथ उन्होंने तहसील कार्यालय और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए।
किसान का कहना है कि वह पिछले दो वर्षों से अपनी जमीन के सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर तहसील और राजस्व कार्यालय के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे न्याय के बजाय केवल आश्वासन और कथित ‘फर्जी’ कागजी कार्रवाई मिली है। उमेश्वर सिंह ने आरोप लगाया कि राजस्व टीम औपचारिकता निभाने के लिए शाम के समय मौके पर पहुंचती है और बिना सही मेढ़ मिलान या नक्शे के आधार पर जांच किए दस्तावेज तैयार कर लेती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तहसीलदार द्वारा उसी भूमि पर दोबारा अतिक्रमण संबंधी आदेश जारी किया गया है, जिस पर अनावेदक पहले से काबिज है। इस संबंध में तहसील न्यायालय डिंडोरी द्वारा एक बेदखली सूचना पत्र भी जारी किया गया है।
जनसुनवाई में मौजूद जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि राजस्व अभिलेखों और सीमांकन प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा कराई जाएगी।

