आई विटनेस न्यूज 24, शुक्रवार 27 फरवरी,मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार वर्मा, जिला डिण्डौरी द्वारा बताया गया कि, थाना करंजिया जिला डिण्डौरी म.प्र. के अप.क्र. 57/2025 एवं सत्र प्र.क्र. एसटी 73/2025 आरोपी तीरथ श्याम पिता रायसिंह श्याम आयु 28 वर्ष, निवासी ग्राम कुटेलीदादर पोस्ट गोपालपुर, चौकी गोपालपुर थाना करंजिया जिला डिण्डौरी म.प्र. के अन्तर्गत आरोप है कि आरोपी के द्वारा अभियोक्त्री का रास्ता रोककर उसकी स्वेच्छया सदोष अवरोध कारित करने, उसकी इच्छा के विरूद्ध एवं सम्मति के बिना संभोग कर बलात्संग कारित करने एवं बार-बार संभोग कर बलात्संग कारित करने तथा जान से मारने की धमकी देकर आपराधिक अभित्रास कारित किया गया। मामले में शिकायत पर थाना करंजिया, जिला डिण्डौरी म.प्र. द्वारा आरोपी के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना पश्चात चालान न्यायालय में पेश किया गया ।
उक्त मामले की सुनवाई करते हुए श्री शिव कुमार कौशल, माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश जिला डिण्डौरी द्वारा तीरथ श्याम पिता रायसिंह श्याम आयु 28 वर्ष, निवासी ग्राम कुटेलीदादर पोस्ट गोपालपुर, चौकी गोपालपुर थाना करंजिया जिला डिण्डौरी म.प्र. को धारा 64 (2)(एम) भारतीय न्याय संहिता 2023 में आजीवन कारावास 2000/- अर्थदण्ड व अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में 2 वर्ष का कारावास,धारा 351(3)भारतीय न्याय संहिता 2023 में 2 वर्ष का कारावास 1000/- अर्थदण्ड व अर्थदण्ड के व्यतिक्रम में छ: माह का कारावास,धारा 128 भारतीय न्याय संहिता 2023 में 1 माह कारावास व 500/- अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।
घटना का संक्षिप्त विवरण-
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, आरोपी द्वारा दिनांक 09.03.2025 से दिनांक 10.03.2025 के मध्य समय 13.00 बजे से 12.00 बजे के मध्य स्थान खेत के पास वाले जंगल में, सरई पेड़ के नीचे, ग्राम झापाटोला थाना करंजिया जिला डिण्डौरी म.प्र. में 22 वर्षीय अभियोक्त्री को सदोष अवरोध कारित करने के सामान्य के अग्रसरण में अभियोक्त्री का रास्ता रोककर उसकी स्वेच्छया सदोष अवरोध कारित किया एवं 22 वर्षीय अभियोक्त्री के साथ उसकी इच्छा के विरूद्ध एवं सम्मति के बिना संभाग कर बलात्संग कारित किया तथा अभियोक्त्री के साथ उसकी इच्छा के विरूद्ध एवं सम्मति के बिना बार-बार संभोग कर बलात्संग कारित किया तथा अभियोक्त्री को संत्रास कारित करने के आश्य से जान से मारने की धमकी देकर आपराधिक अभित्रास कारित किया । अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया जाता है। विवेचना में संकलित साक्ष्य के आधार पर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया ।

