इंदौर नगर निगम के महापौर पद के लिए विधायक संजय शुक्ला के नाम पर आम सहमति भी लगभग बन चुकी है। उनके नाम पर कमल नाथ भी सहमत बताए जा रहे हैं। इसका खुलासा प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खुद किया है। उधर, बुधवार से प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव मुकुल वासनिक की प्रदेशव्यापी दौरा प्रारंभ हो गया। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कहा कि विधायकों को निकाय चुनाव लड़ाने को लेकर अभी निर्णय नहीं लिया है पर सभी वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करके रणनीति तय की जाएगी
भाजपा ने हैदराबाद निकाय चुनाव में आक्रामक प्रचार की रणनीति अपनाई थी। इसके तहत पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से लेकर तमाम बड़े नेताओं को मैदान मे उतारा था। इससे पार्टी को सफलता भी मिली।कांग्रेस भी इसी तर्ज पर निकाय चुनाव में सभी बड़े नेताओं को मैदान में उतारेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने इसकी शुरुआत भी छिंदवाड़ा से कर दी है। वे सभी विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के सम्मेलन कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ता से कहा कि वे निकाय चुनाव के दौरान कम समय दे पाएंगे क्योंकि उन्हें पूरा प्रदेश देखना है। वहीं, इस बार प्रत्याशी चयन की व्यवस्था में भी बदलाव करके सभी वरिष्ठ नेताओं को लेकर जिला स्तरीय समितियां बनाई गई है।
इन्हें निर्देश दिए गए हैं कि पैनल की जगह एक नाम चुनकर सिर्फ अनुमोदन के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजेंगे। मतलब साफ है कि प्रत्याशी चयन से लेकर उसे जीतने की जिम्मेदारी सभी बड़े नेताओं की होगी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, विवेेक तन्खा, अजय सिंह, कांतिलाल भूरिया, अरुण यादव सहित सभी बड़े नेताओं को अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र में जुटना होगा। पूर्व मंत्रियों और वरिष्ठ विधायकों को निकायों का प्रभारी बनाकर जिम्मेदारी दी गई हैं।
उधर, इंदौर नगर निगम के महापौर पद के लिए विधायक संजय शुक्ला के नाम पर लगभग आम सहमति बनती नजर आ रही है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा की मौजूदा में खुलासा किया कि इंदौर के 90 फीसद नेता शुक्ला का चुनाव लड़ाने के पक्ष में हैं। प्रदेश अध्यक्ष को भी इस भावना से अवगत करा दिया है। बताया जा रही है कि वे और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी शुक्ला के नाम पर सहमत हैं।
वरिष्ठ नेताओं को निकाय चुनाव में ताकत झोंकनी होगी
प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ द्वारा छिंदवाड़ा में व्यक्त किए गए विचार गंभीर अर्थों वाले हैं। राजनीतिक संदर्भों उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय जनता पार्टी की रणनीति को देखते हुए पार्टी के सभी वरिष्ठता नेताओं और कार्यकर्ताओं को निकाय चुनाव में अपनी हर संभव ताकत झोंकनी होगी। चुनाव आक्रामक होने चाहिए ताकि कार्यकर्ताओं का आत्मबल कुंठित न हो।
