राजेश ठाकुर की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, शुक्रवार 17 जून, आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी के ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार का होना, आम बात हो चली है! यहां बड़े से बड़े अधिकारी से लेकर एक छोटा सा कर्मचारी भी शासन के सारे मापदंडो को दरकिनार करते हुए, अपनी मनमानी चलाते हैं, इनके रवैये को देखकर ऐसा लगता है, कि शासन प्रशासन के द्वारा इन्हें खुला संरक्षण प्राप्त है, मनमानी करने के लिए, तभी तो एक रोजगार सहायक बगैर कार्यों को पूर्ण कराए ही, अपूर्ण कार्यों पर ही दनादन सीसी जारी कर देता है, और उच्च अधिकारी कहते हैं, कि हमें तो कुछ मालूम ही नहीं है!हम बात कर रहे हैं जनपद डिंडोरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत मुड़िया कला की जहां पर मनरेगा योजना के तहत हितग्राही मूलक कार्य खेत तालाब, हितग्राही का नाम संत लाल पिता अघनी स्वीकृत वर्ष 2020-21 एवं स्वीकृत राशि 332962 रुपए स्वीकृत हुए थे! जिसमें हितग्राही(कृषक )के द्वारा अपने खेतों की सिंचाई के लिए खेत के अंदर तालाब का निर्माण कराया जाना था, ताकि कृषक को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता हो सके! किंतु रोजगार सहायक इंद्र सिंह वालरे के द्वारा बगैर निर्माण कार्य पूर्ण कराए ही सीसी जारी कर दी गई,( ऑनलाइन कार्य पूर्ण दर्शा दिया गया) जबकि बमुश्किल स्वीकृत राशि में से आधी राशि ही खर्च हो पाई है, अभी भी स्वीकृत राशि में लगभग 500 मानव दिवस एवं ₹66000 मटेरियल के बचे हुए हैं! जिससे तालाब की मजबूती के लिए पत्थरों की पिचिंग एवं काली मिट्टी की भाठई करनी थी, किंतु रोजगार सहायक ने अपनी मनमानी करते हुए, ऑनलाइन कार्य पूर्ण चढ़ा दिया(सी.सी. जारी कर दिया)जिससे कृषक के खेत तालाब का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया जा पा रहा है! कृषक का कहना है, कि मेरा खेत ना तो कृषि योग्य रह गया, और ना ही पानी रोकने के काबिल रहा!मेरी इतनी जमीन व्यर्थ ही चली गई,इसका जिम्मेदार कौन है? कृषक का कहना है, कि इसकी शिकायत मेरे द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद डिंडोरी को, की गई एवं जनसुनवाई में भी आवेदन दिया गया है, किंतु आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है! इससे ऐसा प्रतीत होता है, कि शासन प्रशासन इनको मनमानी करने के लिए खुला संरक्षण दे रखा है!
