राजेश ठाकुर की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24,बुधवार 8 जून,आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी, जहां पीएचई विभाग के सरकारी नुमाइंदे जल जीवन मिशन को पलीता लगाते हुए नजर आ रहे हैं! एक ऐसा ही मामला जिले से लगभग 15 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मुड़िया कला का प्रकाश में आया है,जहां करोड़ों की लागत से पानी की टंकी का निर्माण तो कर दिया गया है, किंतु घटिया किस्म की पाइप लाइन बिछा देने से आए दिन कहीं पाइपलाइन का फटना,तो कहीं मोटर पंप का बिगड़ जाना निरंतर चलता ही रहता है! जिससे ग्रामीणों को नल जल योजना का सही लाभ नहीं मिल पा रहा है! आए दिन कुछ ना कुछ खराबी बनी ही रहती है, पिछली एक हफ्तों से ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं, लेकिन ना तो ठेकेदार सुधार कार्य कर रहा है, और ना ही पीएचई विभाग के आला अधिकारी ध्यान दे रहे हैं, केवल कोरा आश्वासन ही ग्रामीणों को दिया जा रहा है! इतनी भीषण गर्मी में लोगों को पीने का पानी जुटाने के लिए दो से तीन किलोमीटर दूर नर्मदा नदी से पैदल या साइकिलों से डब्बों में भर कर पानी लाना पड़ता है! शासन से करोड़ों रुपए का आवंटन प्राप्त होने के बावजूद नल जल योजना को केवल दिखाने के लिए बना दिया गया है, और लाखों रुपए का बंदरबांट कर दिया गया है, लगभग तीन से चार वर्ष हो चुके हैं, इस पानी टंकी को बनकर करख़ड़े हुए, किंतु आज भी इस योजना का काम अधूरा पड़ा हुआ है, ग्रामीणों का कहना है कि एसडीओ साहब से इस विषय पर शिकायत करने पर, उनके द्वारा कहा जाता है, कि हमने ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है, क्या ब्लैक लिस्टेड कर देने से ग्रामीणों की समस्या दूर हो जाएगी? ग्रामीणों ने मांग की है, कि इस योजना को जल्द से जल्द पूरा करके पानी का वितरण सुचारू रूप से करवाया जाए, अन्यथा की स्थिति में चक्का जाम करने के लिए हमें विवश होना पड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी पीएचई विभाग की होगी!
