आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 23 जून,त्रिस्तरी पंचायत चुनाव के तहत प्रथम चरण में मतदान 25 जून को होगा। इसके लिए एक तरफ अधिक मतदान के लिए शासन जनजागरण अभियान चला रहा है तो दूसरी तरफ ब्लाको की कई ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में मतदाता मजदूरी के लिए पलायन कर गए हैं।
त्रिस्तरी पंचायत चुनाव के ऊपर पेट की समस्या भारी पड़ रही है
पंचायत चुनाव से गरीबों की बहुत बड़ी आबादी उदासीन है। इनके लिए मतदान कोई मायने नहीं रखता है। इस कारण पंचायत चुनाव में अपना भविष्य तलाशने के बजाय बाहर के जिलों व राज्यों में पलायन कर चुके मजदूर अभी तक वापस नही आये है। इस संबंध में पलायन मजदूरों का कहना है चुनाव के दौरान जितनी धोषणा करते हैं जीत जाने के बाद एक भी पूरा नहीं करते हैं। इससे बेहतर दो जून की रोटी का जुगाड़ करना आवश्यक है।पलायन मजदूरों की ये उदासीनता चुनावो के समीकरण पर बहुत बड़ा असर छोड़ेगी,साथ ही मतदान के लिए शासन का जनजागरण अभियान विफल हो जाएगा।
पलायन मजदूर अभी तक नहीं लौटे घरों
डिण्डौरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार के लिए बाहर जाते हैं नजदीकी जिलों के साथ ही मध्यप्रदेश ही नहीं हिंदुस्तान के अधिकांश प्रदेशों तक डिण्डौरी जिले के ग्रामीण रोजगार के लिए पंहुच जाते हैं वर्तमान में भी रोजगार के लिए पलायन करने वाले अभी तक घरों में वापस नहीं पंहुचे हैं।जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्रामपंचायत आमेरा की सरपंच और वर्तमान में अभ्यर्थी कौशल्या मार्को ने बताया कि उनके एक ही वार्ड 6 के 12 लोग पनागर जबलपुर मूँग काटने गये गये है।ऐसे और भी कितने मजदूर खासकर नजदीकी जिले जबलपुर के पाटन, शहपुरा, सिहोरा आदि स्थानों पर मूंग काटने गए मजदूर अभी भी वहीं है डिण्डौरी जिला प्रशासन नजदीकी जिलों के प्रशासन से संपर्क कर तत्काल मजदूरों को घर वापसी के लिए कहा जाये जिससे मजदूर अपने घरों में लौटकर 25 जून को पंचायतीराज चुनाव में वोट कर सकें।
