डिंडौरी. 18 जुलाई 2023 को डॉ रमेश मरावी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डिंडौरी के द्वारा थाना न शाहपुर में एक आवेदन प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया था कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र विक्रमपुर में डॉटा इन्ट्री ऑपरेटर ललित राजपूत निवासी शहपुरा एवं - संतोष ठाकुर निवासी मडियारास के द्वारा प्रसूती सहायता योजना की शासकीय राशि में छल पूर्वक हेरा- फेरी की गई है। इनके द्वारा स्वास्थ्य केन्द्र विक्रमपुर में गर्भवती महिला का पंजियन एवं प्रसव दिनांक इंद्राज किया गया, जिसमें प्रसव केन्द्र पीएचसी जमगांव, नारायणडीह, सारसताल, अमनीपिपरिया दर्शाया गया है तथा 72 हितग्राहियों के आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक खाता प्राप्त कर योजना का लाभ दिलाने के नाम पर अपात्र हितग्राहियों के खाते में राशि हस्तांतरित कर 9 लाख रुपए का भुगतान कराया गया हैं। उन हितग्रहियों से पैसा वसूल कर अपने उपयोग में लाया गया। जांच में हितग्राहियों का नाम व पता गलत पाया गया हैं। साथ ही ललित राजपूत एवं सतोष ठाकुर के द्वारा गलत तरीके से प्रसूती सहायता योजना का भुगतान कराए जाने की बात सामने आई है।
प्रसूती सहायता योजना में फर्जी हितग्राहियों के नाम पोर्टल में दर्ज कर छल पूर्वक राशि की हेरा- फेरी करने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विभागीय जांच एवं कलेक्टर के द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम के द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर हेरफेर होना पाया गया था जिसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने थाना शाहपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत के बाद से ही मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी थी और मामले से जुड़े सभी लोगो से पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र विक्रमपुर में पदस्थ बीपीएम,
ब्लाक एकांउट मैनेजर, डाटा इन्ट्री ऑपरेटर एवं एक अन्य को पुलिस ने पूछताछ के बाद
गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से आरोपियो को जेल भेज दिया गया है।
हालाकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस मामले में कौन कौन शामिल है। सीएम
हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के आधार पर खुलासा हुआ तथा जो तथ्य अभी तक सामने आए है
उससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि गरीबी रेखा में पात्रता रखने वाली गर्भवती महिलाओं का अनमोल
पोर्टल में पंजीयन किया जाता है और प्रसव
के बाद वित्त पोर्टल में दर्ज कर ब्लॉक एकाउंट मैनेजर एवं बीपीएम द्वारा वेरीफाई
करके भुगतान किया जाता है। प्रक्रिया का पालन किया गया लेकिन अपात्र हितग्राहियों
का नाम पोर्टल में दर्ज किया जाकर जिनके पूर्व से संतान है उनके दस्तावेज एकत्रित
कर कूटरचित तरीके से भुगतान कराया गया। इसमें आरोपी
संतोष ठाकुर के निवास स्थान व आस पास के गांवों की महिलाओं का नाम दर्ज किया गया।
यह बात तब उजागर हुई जब एक व्यक्ति ने प्रसूती सहायता योजना का लाभ लेने के लिए
सीएम हेल्प लाईन में शिकायत दर्ज कराया। मामले की जांच सीएमओ कार्यालय से कराई गई।
इसके बाद खुलासा हुआ कि ऐसी अनेको महिलाओं को जो अपात्र है उन्हें इस योजना का लाभ
दिया गया है। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य महकमें में हडकंप मच गया और छानबीन शुरू
हुई। इस दौरान यह तथ्य सामने आए कि ऐसे कई हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है
जो इस दायरे में ही नहीं है। विभाग ने कलेक्टर को पत्राचार कर इसेस अवगत कराया था।
मामले में कलेक्टर के द्वारा मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी को
परीक्षण एव सत्यापन के लिए लेख किया। पूरे मामले की जांच के लिएस तीन सदस्यीय टीम
गठित की गई, जिनके द्वारा
जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जांच प्रतिवेदन में 72 अपात्र हितग्राहियों को
लाभ पहुंचाने एवं कूटरचित तरीके से ललित राजपूत डाटा एंट्री ऑपरेटर सामुदायिक
स्वास्थ्य केंद्र विक्रमपुर एवं संतोष ठाकुर निवासी मडियारास के विरुद्ध शासकीय
राशि में हेरा फेरी की गई
गठित जांच टीम एवं विभागीय जब जांच पड़ताल में कूटरचित दस्तावेज व अपात्र
हितग्राहियो को गलत तरीके से लाभ पहुंचाकर निजी स्वार्थ साधने दर्ज शासकीय राशि का
हेरफेर किया जाना पाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डिंडौरी ने खंड
चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी इस के प्रतिवेदन व गठित जांच दल के इस द्वारा प्रस्तुत
प्रतिवेदन के आधार पर शाहपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने
संदिग्धो से पूछताछ करते हुए 14 मई 2024 को को ललित राजपूत पिता चन्द्रभान इस
राजपूत निवासी मझौली जिला ने जबलपुर हाल मुकाम शहपुरा एवं संतोष ठाकुर उर्फ
भुनेष्वर ठाकुर पिता मानसिह निवासी मडियारास को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया
गया जिन्हे न्यायिक हिरासत से जेल भेज दिया गया। सोमवार को पूछताछ के बाद दलबीर
बहादुर पिता धरमसिंह मसराम ब्लॉक एकाउंट मैनेजर निवासी किसलपुरी तथा दिगम्बर बिलागर
पिता कुमार शाह बीपीएम निवासी डांड बिछिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया
जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया ।
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