डिन्डोरी जिले में लगातार
शराब विक्रेताओं द्वारा मनवाणी थम नहीं रही है प्रिंट रेट से अधिक में शराब बेचना, गुंडागर्दी, प्रतिबंधित
क्षेत्र में भी शराब की सप्लाई जैसा काम आम बात हो गई है
जिले के समनापुर विकासखंड में लाइन कब बिगड़ जाए इसके लिए कुछ
कहा नही जा सकता है। कारण साफ है शराब ठेकेदार के गुर्गों की बढ़ती गुंडागर्दी और
समनापुर पुलिस का बौना साबित होना। समनापुर पुलिस के हाथ पर हाथ धरे बैठने से
समनापुर में कब माहौल खराब हो जाये यह सोच समनापुर क्षेत्र की जनता भी अब डर महसूस
करने लगी है।
समनापुर
में अंग्रेजी शराब दुकान ठेकेदार के द्वारा संचालित है जिसमें बैठने वाले गुर्गे
आये दिन मारपीट,विवाद और
खुद को समनापुर के डॉन समझ मनमानी करने पर आतुर है। यही वजह है कि अंग्रेजी शराब
दुकान में कीमत से अधिक की शराब बेचने पर ग्राम पडरिया निवासी 34 वर्षीय आशीष कुमार सोनवानी ने न
सिर्फ बुरी तरह से लकड़ी की पटिया से जिसमे लोहे के खीले लगे हुए थे मारा गया बल्कि
यह धमकी दी गई कि अब दोबारा रेट पूछने के लिए बहसबाजी करेंगे तो जान से खत्म कर
देंगे।
समनापुर आशीष
कुमार सोनवानी द्वारा दर्ज एफआईआर में इस बात का उल्लेख किया है। वह अंग्रेजी शराब
लेने गया हुआ था तो क्वाटर विस्की एमआरपी 245 की बजाय गुर्गे 280 रु में बेच रहे थे,जिसका आशीष ने विरोध किया। लेकिन
कम नही होने पर आशीष को मजबूरन महंगी शराब खरीद कर जाना पड़ा। देर रात जब आशीष खाना
पैक कराने दुमारी ढाबा पहुँचा तो आरोपितों में ठेकेदार के गुर्गे दिलीप जायसवाल और
ओमप्रकाश गुप्ता ने आशीष कुमार को जान से मारने की नीयत से कान के बाएं तरफ हमला
किया था जिससे आशीष चोटिल हुआ और जैसे तैसे आशीष अपनी जान बचाकर भागा। समनापुर
पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ धारा 323,506,34 के तहत मामला पंजीबद्ध कर
औपचारिकता पूरी कर ली है। लेकिन इस घटना से समनापुर सहित ग्राम पडरिया के लोगो ने
शराब ठेकेदार के गुर्गों के खिलाफ जमकर आक्रोश व्याप्त है। अगर समनापुर पुलिस ऐसे
ही हाथ पर हाथ धरे बैठी रहेगी तो लाइन ऑर्डर कभी भी समनापुर में बिगड़ने की संभावना
से इनकार नही किया जा सकता है। जिसकी गूंज डिंडोरी जिला मुख्यालय से लेकर भोपाल तक
सुनाई दे सकती है।

