डिन्डोरी जिला मुख्यालय
में स्वच्छता अभियान हेतु चलाए जा रहा मैया अभियान निसंदेह बहुत अच्छा है परंतु
केवल प्रशासनिक स्तर पर इस कार्य की पूरी तरह सफल होने की कोई उम्मीद नहीं दिखती
जिसका कारण आम जनता में स्वच्छता अभियान को लेकर रुचि का ना होना है काफी लंबे समय
से मैया अभियान चल रहा है परंतु आज तक आम जनता का ईश्वर कोई भी रुझान या रुचि नहीं
देखा गया। इतना ही नहीं आम जनमानस द्वारा खुलेआम मां नर्मदा नदी के तटों पर कचरा
फहराने जैसा गणित कार्य किया जाता है ऐसी स्थिति में मैया अभियान का क्या औचित्य? क्या साफ सफाई या
स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी है क्या आम जनता की इसमें कोई भागीदारी नहीं
होनी चाहिए? क्या आम जनता केवल शासन की योजनाओं का लाभ लेने
तक सीमित है?
यह सभी बड़े सवाल हैं, इन्हीं सब कारणों
से माननीय उच्च न्यायालय नर्मदा नदी से 300 मीटर की दूरी पर निर्माण कार्य ना किये जाने संबंधी सर्कुलर लाने का विचार कर रही है जिसके
लिए हम लोग ही जिम्मेदार हैं। प्रत्येक रविवार जिला प्रशासन अपने अधिकारी
कर्मचारियों के साथ नर्मदा नदी के घाटों पर साफ सफाई का काम करती है इस अभियान में
कभी भी वार्ड वासियों की भूमिका नहीं रहती। जगह-जगह नगर परिषद द्वारा स्वच्छता
अभियान एवं कचरा फैलाने पर जुर्माना और कार्यवाही करने संबंधी सूचना पटल लगाए गए हैं परंतु आज तक
प्रशासन द्वारा कचरा फैलाने वालों पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही या जुर्माना
नहीं किया गया है। जहां एक और प्रशासनिक दबाव या डर के कारण अधिकारी कर्मचारी
प्रत्येक रविवार साफ सफाई का काम करते हैं और आम जनता गंदगी फैलाने का काम। नर्मदा
नदी के घाटों पर लोग झूठे बर्तन साफ करते हैं, मंजन करते हैं, मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहनों की धुलाई धड़ल्ले से की जाती
है। यदि कोई भी रोकने का प्रयास करता है तो उसके साथ वाद विवाद की स्थिति निर्मित
होती है। बिना किसी अनुमति के लोग डेम का गेट खोलकर मत्स्य आखेट करते हैं और गंदगी
फैलाते हैं। पूर्व में भी डैम के गेट खोले
जाने से गेट/प्लेट चोरी हो चुकी है जिसे नगर परिषद द्वारा दोबारा लगवाया गया है
इसके बावजूद भी कुछ लोगों द्वारा डैम के गेट खोलकर रख दिए जाते हैं जिससे कि
दोबारा गेट चोरी होने की आशंका है।
खुलेआम लोग नर्मदा तट पर दो पहिया और चार पहिया वाहन दो-तीन
धोते नजर आ रहे हैं जिन पर कोई प्रशासनिक कार्यवाहीं नहीं हो रही है आखिर नर्मदा तट पर साफ सफाई की
जिम्मेदारी भी तो आम जनता की ही है यह काम आम जनता को खुशी से करना चाहिए लेकिन आम
जनता गंदगी फैलाने का काम खुशी से कर रही है। गंदगी करते पाए जाने पर प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करना
चाहिए या अर्थदंड लगाना चाहिए।
जल्द ही सुबखार से रेवा सेवा समिति द्वारा इस संबंध में
ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

