डिंडौरी. विगत दिनों खनिज विभाग व कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने हाल ही में बगैर रॉयल्टी के रेत का परिवहन करते समनापुर रोड से चार डम्फरो को जब्त किया था। अभी भी चारों डम्फर कोतवाली में खड़े हैं लेकिन रेत माफिया के हौसले बुलंद हैं कार्रवाई के बाद रेत का कारोबार करने वालों में हडकंप मच गया था। इस कार्रवाई के बाद ऐसा लग रहा था कि कुछ समय के लिए रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लग जाएगी। इसके बाद भी इस कारोबार पर अंकुश नहीं लग रहा है। कमको मोहनिया में बुढनेर नदी के भीतर मशीन से उत्खनन कर परिवहन कराया जा रहा है।पेसा अधिनियम के तहत गौड खनिज उत्खनन के पूर्व ग्राम सभा की अनुमति जरूरी है लेकिन इन रेत खदानो में पेसा अधिनियम के तहत ग्राम सभा का प्रस्ताव व अनुमति भी नहीं ली गई है। नियमतः नदी के अंदर से रेत उत्खनन के लिए मशीन प्रतिबंधित है। कार्रवाई के बाद खनिज अधिकारी शशांक शुक्ला ने कहा था कि बगैर रॉयल्टी के रेत का परिवहन करते डम्फरो को जब्त किया गया है और आगे भी कार्रवाई बार पर जारी रहेगी। खनिज विभाग की कमको सख्ती के बाद भी रेत कारोबारी धड़ल्ले से नियमों को ताक पर रखकर रेत उत्खनन व परिवहन कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दिवारी और कमको मोहनिया में रेत का स्वीकृत रकवा में रेत का भंडार को जब्त खत्म हो गया है। ठेकेदार द्वारा नदी के दूसरे हिस्सो से मशीन से उत्खनन किया जा रहा है। गौरतलब है कि दिवारी रेत खदान क्रमांक 1 खसरा नं. 151 में 5 हेक्टेयर भूमि से 75 हजार घनमीटर रेत निकासी किया जाना है, खदान क्रमांक 2 खसरा नं. 439 में 4.50 हेक्टेयर भूमि से 81 हजार घनमीटर एवं खदान क्रमांक 3 से खसरा नं. 493 रकवा 4.50 हेक्टेयर भूमि से 16 हजार दो सौ घनमीटर रेत उत्खनन एवं परिवहन के लिए अनुबंधित किया गया है। इसी तरह कमको मोहनिया में खसरा नं. 546 में 5 हेक्टेयर भूमि से 18 हजार घनमीटर रेत खदान की लीज स्वीकृत है लेकिन इन स्वीकृत खदानों में रेत का भंडार खत्म हो चुका है। इसके बाद ठेकेदार द्वारा बुढनेर नदी के दूसरे हिस्से से रेत का उत्खनन कराया जा रहा है। ठेकेदार के रसूख के आगे नियम कानून सब बौने साबित हो रहे हैं।
गणेश पाण्डेय आई विटनेस न्यूज़ 24 शुक्रवार 24 मई

