आई विटनेस न्यूज 24, सोमवार 19 जनवरी,नगरीय विकास एवं आवास विभाग, मध्यप्रदेश शासन के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के मुख्य अभियंता शैलेंद्र शुक्ला ने जिला डिण्डौरी का दौरा कर नगर परिषद डिण्डौरी में संचालित पेयजल योजनाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का विशेष रूप से जायजा लिया।
हालांकि नगर परिषद में नल जल योजना से संबंधित कोई भी तकनीकी रूप से प्रशिक्षित अधिकारी पदस्थ नहीं है। पहले विद्युत अभियंता प्रभारी थे, जबकि उनका कोई स्वीकृत पद नहीं है। वर्तमान में सिविल इंजीनियर योजना का प्रभार संभाल रहे हैं, लेकिन नल जल योजना के लिए आज तक कोई स्थायी तकनीकी नियुक्ति नहीं हुई है। वर्षों से प्लंबरों के भरोसे ही जिला मुख्यालय की महत्वपूर्ण नल जल योजना चल रही है। फिटकरी या अन्य केमिकल डालकर कामचलाऊ तरीके से व्यवस्था की जा रही है, जिससे योजना की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।नगर परिषद डिण्डौरी को जल जीवन मिशन के तहत तकनीकी रूप से सक्षम अधिकारियों व इंजीनियरों या प्रतिनियुक्ति कर योजना की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए।अन्यथा पीएचईडी विभाग से सहयोग लेकर योजना की निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए।
हालाँकि मुख्य अभियंता ने संसाधनों एवं मशीनरी के नियमित रखरखाव तथा समय-समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के सुचारु संचालन के लिए कुशल केमिस्ट की नियुक्ति और प्रशिक्षित संचालक की तैनाती के भी निर्देश दिए है, साथ ही प्लांट परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी। शुक्ला ने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं निरंतर पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी कार्य शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएं।
इस निरीक्षण से स्थानीय स्तर पर पेयजल आपूर्ति में सुधार की उम्मीद जगी है, लेकिन तकनीकी कमी दूर न होने तक चुनौतियां बरकरार रहेंगी।

