मेहंदवानी शिविर के वायरल तंज पर
हंगामा,कुलस्ते मौन, सोशल मीडिया पर आग
आई विटनेस न्यूज 24, रविवार 18 जनवरी, जिले के मेहंदवानी में आयोजित लोक कल्याणकारी शिविर और रोजगार मेले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। मंच पर पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, भाजपा जिलाध्यक्ष चमरू सिंह नेताम जैसे दिग्गजों की मौजूदगी में विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने तहसीलदारों और अधिकारियों पर ऐसी अभद्र भाषा बोली कि पूरा मामला विवादों के घेरे में आ गया।वीडियो में धुर्वे साफ-साफ सुनाई देते हैं: “ये खेत नहीं बना पाएगा क्या? ये अपना काम छोड़कर **** की जेसीबी पकड़ाईच में रहते हैं!” इतना ही नहीं, जैसे ही बयान निकला, वे खुद ही घबरा गए और बोले, “ये सफ्फा ल गोल कर दो यार, कभी-कभी निकल जाता है!” यानी, 'जो बोला, उसे डिलीट कर दो!'कार्यक्रम जनहित का था—रोजगार, कल्याण योजनाएं—लेकिन मंच की गरिमा पर ऐसा धब्बा! क्या यह भाषा जनसेवा के मंदिर के लायक? क्या ये 'स्ट्रीट स्टाइल' पार्टी की इमेज बनाएगा?
प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे 'फ्रैंकनेस' कह रहे, तो कई इसे 'अनुशासनहीनता'।यह पहला मामला नहीं।ये धुर्वे का पहला 'वायरल' नहीं।
कुछ दिन पहले शहपुरा जनपद पंचायत के मानिकपुर में भी धुर्वे ने भरे मंच पर पत्रकारों पर तंज कसा: “हमारे बारे में कुछ अच्छा भी छापा करो यार। देखो, हमारी पार्टी और सरकार कितना अच्छा काम कर रही है!”अब जनचर्चा गरम है: क्या विधायक धुर्वे ऐसी 'यार-भाषा' से भाजपा और सरकार की छवि चमकाना चाहते हैं? वायरल वीडियो ने शिविर की पोल खोल दी—प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार, लेकिन सवाल तो खड़े हो ही गए!मेहंदवानी जैसे आदिवासी बहुल इलाके में, जहां बुनियादी सुविधाओं की लड़ाई चल रही है, यह बयान अधिकारियों पर सीधी चोट। लेकिन सवाल वही: जनहित मंच पर अभद्र भाषा उचित?

