जिसमें ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता का देहांत किन्हीं कारणों से हो जाने के कारण बाल आशीर्वाद योजना का लाभ दिया जाता है। उनके माता-पिता ना होने के कारण इनके आवश्यक दस्तावेज अभिभावकों के द्वारा ध्यान न देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश में ऐसा पहला जिला जहां पर इस तरह जिला प्रशासन ने उनके मूल दस्तावेज तैयार हेतु कैंप का आयोजन किया गया।
इस कैंप में निम्न विभागों का विशेष योगदान रहा
1 राजस्व विभाग,,,,, इन निराश्रित
बच्चों के आवश्यक दस्तावेज जाति प्रमाण पत्र आधार कार्ड निवास प्रमाण पत्र चल अचल
संपत्ति के दस्तावेज होती नामांतरण आदि महत्वपूर्ण दस्तावेज आज तैयार किए गए।
2 स्वास्थ्य विभाग के द्वारा उनका स्वास्थ्य कार्ड इनका स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक टेस्ट किए गए साथ ही साथ आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए।
3 जनपद पंचायत डिंडोरी समनापुर, मेहद्वानी के
द्वारा समग्र आईडी में सुधार एवं केवाईसी की गई।
4 ई-गवर्नेंस के द्वारा विशेष तौर से कैंप के दौरान आधार कार्ड तुरंत बनाया गया
14 कार्ड
5 शिक्षा विभाग के द्वारा बच्चों का शिक्षा काउंसलिंग किया गया जिसमें बच्चे 9 10 11 12 कक्षा के छात्र को शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण समझाएं दी गई।
शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने हेतु भिन्न-भिन्न प्रकार के पहलुओं को समझाते हुए उन्हें आगे बढ़ाने के टिप्स दिए गए। साथ ही साथ छात्रावास में प्रवेश हेतु कृपया किसी प्रकार से किन दस्तावेजों को किस समय पर आप स्कूल और छात्रावास में प्रवेश ले सकते हैं। छात्रावास में प्रवेश संबंधी दस्तावेज प्राप्त किए हैं।
जिले में 180 बच्चे चयनित
आज आज बाल आशीर्वाद कैंप में केवल 172 बच्चे उपस्थित हुए हैं जिनका स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक महत्वपूर्ण दस्तावेज, बच्चों की चल चल अचल संपत्ति का संरक्षण हो सके जिसके लिए राजस्व विभाग ने पोती नामांतरण हेतु चिन्हित किए गए हैं। चार बच्चों को दिव्यांग हित लाभ हेतु चयनित किया गया है साथ ही साथ कैंप के दौरान बच्चों के बीच पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें सभी विजेता चित्रकारों को शांत होना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस कैंप में समग्र आईडी की केवाईसी 28 आधार कार्ड अपडेट 14 आयुष्मान कार्ड 33 जाति प्रमाण पत्र 27 आवेदन प्राप्त 59 छात्रावास हेतु चयनित हुए 69 बच्चों को शिक्षाप्रद पुस्तक वितरण एवं 114 हेल्थ चेक का किया गया।
बाल आशीर्वाद कैंप में विशेष सहयोग करने वाले अधिकारी एसडीम देवगन श्याम सिंघौर महिला बाल विकास अधिकारी संतोष शुक्ला सहायक आयुक्त आदि जाति कल्याण रतीसिरम जिला शिक्षा अधिकारी डॉ रमेश मरावी डॉक्टर अशोक वर्मा डॉक्टर प्रकाश एवं उनकी टीम मौजूद रहे। साथ में डीपीओ तहसीलदार शशांक सीईओ जनपद पंचायत डिंडोरी, टीटू परस्ते आशीष पांडे रंजीत ठाकुर दीपक साहू चेतराम अहिरवार एसके द्विवेदी मनीषा नीतू तिलगाम महाराणा प्रताप सिंह जितेंद्र ठाकुर राजस्व विभाग के समस्त पटवारी अधिकारी मौजूद रहे बी डी सोनी pk कोकड़िया पुरुषोत्तम राजपूत स्वास्थ्य विभाग से डॉक्टर ममता देवांगन डीपीएम कुशवाहा आरके पटेल जितेंद्र ठाकुर अजीब का मिशन के प्रबंधक डी के दास एवं उनकी टीम का विशेष सहयोग रहा।
कलेक्टर विकास मिश्रा ने बाल आशीर्वाद कैंप डिंडोरी का अवलोकन किया और कैंप के दौरान बच्चों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा की मेरा उद्देश्य है कि जिले का कोई भी निराश्रित बच्चा शासन की योजना एवं उसके अधिकारों को पूरा कर सकूं जिन बच्चों के माता-पिता न होने के कारण उनकी शिक्षा जाति प्रमाण पत्र आयुष्मान कार्ड समग्र आईडी आधार कार्ड निवास प्रमाण पत्र एवं चल अचल संपत्ति की संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उनके आवश्यक पोती नामांतरण जैसे महत्वपूर्ण कर इस कैंप के दौरान मेरे अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा पूर्ण करने का प्रयास किया गया। इस प्रकार के कैंप जिले में और भी हम लगाकर आम लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के सतत प्रयास करते रहेंगे।
कलेक्टर विकास मिश्रा की निर्देशन एवं उपस्थिति में दीदी कैफे में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे समर कैंप के बच्चों के द्वारा एवं अधिकारी, कर्मचारी एवं आम लोगों के द्वारा आज डिंडोरी जिले की 26वीं स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में नर्मदा डैम घाट की साफ सफाई की गई।
साथ में कलेक्टर विकास मिश्रा ने कार्यक्रम में शामिल बच्चों को स्वल्पाहार उपलब्ध कराया। इसी क्रम में शाम को माँ नर्मदा की महाआरती का आयोजन किया गया जिसमें जिले के नागरिकों ने भाग लिया,आज डिंडोरी जिला के स्थापना दिवस पर लोगों में बड़ा उत्साह देखा गया।
डिंडोरी जिला की स्थापना मंडला जिला से अलग होकर 25 में 1998 को नया जिला का रूप दिया गया था जो आज निरंतर प्रयास कर विकास की ओर बढ़ रहा है।



