डिंडोरी आज दिनांक 15.06.2024 को किसान कल्याण
तथा कृषि विकास विभाग अन्तर्गत संयुक्त संचालक कृषि संभाग जबलपुर की अध्यक्षता में
डिंडोरी जिले के समस्त फील्ड स्टॉफ की खरीफ वर्ष 2024की तैयारियों के सम्बंध में बैठक ली गई। ज़िले
में खरीफ़ में ली जाने वाली कृषिगत क्रियाओं एवं गतिविधियों की बिंदुवार चर्चा एवं
लक्ष्यों के अनुरूप पूर्ति के सम्बंध में समस्त कृषि अमले को निर्देशित किया गया।
कृषि विभाग में चल रही योजनाओं जैसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, बीजग्राम, मिलेट मिशन, कोदो कुटकी
उत्पादन, प्राकृतिक खेती, शून्य जुताई
प्रक्रिया, परंपरागत कृषि
विकास योजना के अन्तर्गत एमपी किसान पोर्टल में घटकवार कृषक पंजीयन की समीक्षा कर
शीघ्र ही पंजीयन कर बीज वितरण की कार्यवाही पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। जिले
में क्रियान्वित बीज उत्पादक समितियो को दलहन, श्री अन्न तथा तिलहन बीज उत्पादन के लिए निर्देशित किया
गया। समस्त ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को उनके निर्धारित क्षेत्र में बीज, खाद लाइसेंस
दुकानों, समितियों में सतत
निगरानी, उचित
कार्यवाहियों हेतु निर्देशित किया गया। उनके क्षेत्र में कृषक उत्पादक संगठन का
निर्माण कराने एवं उनके साथ कृषकों के उन्नत कृषि तकनीकों के प्रचार प्रसार में
कार्य कराने हेतु निर्देशित किया गया।प्रत्येक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के
क्षेत्र में जैविक उत्पादन इकाई की स्थापना तथा जैविक खाद जीवामृत तथा बीजामृत बना
कृषकों को उनका सफलतम उपयोग करने हेतु प्रेरित करने निर्देशित किया गया। कोदो कुटकी
के प्रथम पंक्ति प्रदर्शन,
पीकेवीवाइ में
क्लस्टर निर्माण एवं अधिकतम पंजीयन करवाने, एग्रोफोरेस्ट नर्सरी निर्माण करने हेतू निर्देशित किया गया।
परंपरागत बीज सरंक्षण के लिए बीज समितियों में बीज बैंक निर्माण किए जाने हेतु
लक्ष्य प्रदाय किया गया जिससे सत्य बीज गुणन एवं उपलब्धता जिले में सुनिश्चित की
जा सके। नरवाई प्रबंधन हेतु वेस्ट डिकंपोजर का उपयोग प्रचलन में लाने हेतु तकनीकी
मार्गदर्शन का प्रचार प्रसार किए जाने हेतू निर्देशित किया गया। जिले में नवीन FPO के गठन, अधिक से अधिक
कृषकों को सम्मिलित करने,
उनके शत प्रतिशत
केसीसी निर्माण बीज खाद लाइसेंस प्रदाय करने में सहयोग तथा गुणवत्ता पूर्ण बीज
उत्पादन साथ ही नवाचार के रूप में गन्ना उत्पादन, पपीता, एवं नाशपाती उत्पादन हेतु इच्छुक कृषकों को तैयार करने हेतु
निर्देशित किया गया। BISA
jabalpur के वैज्ञानिक डा विवेक सिंह के द्वारा धान एवं मक्का की
जीरो टिलेज पद्धति द्वारा जिले के चिन्हांकित इच्छुक कृषकों प्रोजेक्ट के रूप में
बिना जुताई खेती प्रबंधन के कार्य को शुरू करने की जानकारी प्रदाय की गई। ताकि
जिले में पर्यावरण अनुकूल संरक्षित खेती का प्रचार प्रसार एवं जागरुकता कृषकों के
मध्य प्रसारित हो सके।
उक्त बैठक में संयुक्त संचालक कृषि, वैज्ञानिक डॉक्टर
विवेक सिंह (BISA) साथ ही कृषि
विभाग के समस्त अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

