वर्तमान में पदस्थ अधीक्षिका का पक्ष रखे थे अधिवक्ता सम्यक् जैन
डिंडौरी- विगत दिनों एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डिंडौरी छात्रावास की बालिकाओं के प्राचार्य मनोज गोले के विरूद्ध शिकायत किया गया था जिसपर संज्ञान लेते हुए दिशा प्रणय नागवंशी उप सचिव मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के द्वारा कार्रवाई करते हुए प्राचार्य मनोज गोले एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डिंडौरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जारी आदेश के मुताबिक....
उप सचिव मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग के द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि पत्र क्रमांक 854/2079446/ 2024/ 25/1 कलेक्टर जिला डिंडौरी के अ.शा. पत्र दिनांक 24.05.2024 द्वारा अवगत कराया गया कि एकलय्य आदर्श आवासीय विद्यालय डिंडौरी के छात्र-छात्रओं द्वारा प्रभारी प्राचार्य मनोज गोले, के विरूद्ध शिकायत की गई। शिकायत की जांच कलेक्टर डिंडौरी के पत्र दिनांक 24.07.2023 द्वारा जांच समिति गठित कर जांच कराई गई।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी के पत्र दिनांक 03.05.2024 द्वारा जांच प्रतिवेदन कलेक्टर जिला डिंडौरी को प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर जिला डिंडौरी द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए लेख किया गया कि जांच प्रतिवेदन के अवलोकन से यह पाया गया कि मनोज गवले , प्राचार्य की विद्यार्थियों द्वारा की जाने वाली विभिन्न शिकायतों के विरूद्ध ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है।जो कि प्राचार्य की कार्यप्रणाली में लापरवाही को उजागर करता है। जिस इसलिए प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई किया गया है।
मनोज गवले प्राचार्य एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डिंडौरी का उक्त कृत्य अपने पदीय कर्तव्यों के पालन में लापरवाही का घोतक है। वही अधिवक्ता सम्यक्
जैन ने दिनांक 06/04/24 को क्षेत्रीय
आयुक्त आदिवासी विकास विभाग जबलपुर को पत्र लिख कर वर्तमान में पदस्थ अधीक्षिका की
पैरवी कर यह मामला सामने लाकर कार्यवाही की माँग की थी।
राज्य शासन एतद् द्वारा मनोज गवले , प्राचार्य एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डिंडौरी को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लघंन करने के फल स्वरूप मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील ) नियम 1966 के नियम - 9(1) ची के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है। निलंबन अवधी में इनका मुख्यालय कार्यालय सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग डिंडौरी निर्धारित किया जाता है।
मनोज गवले को निलंबन अयधि में मूलभूत नियम 53(1) एवं (2) के तहत जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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