आई विटनेस न्यूज 24, मंगलवार 19 अगस्त,मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई जनसुनवाई उस समय गरमा गई जब शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कलेक्टर नेहा मारव्या पर सीधा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप जड़ दिए।विधायक ने कहा कि जनसुनवाई महज दिखावा बनकर रह गई है। अधिकारी न तो आवेदनों पर तारीख डालते हैं और न ही समस्याओं का हल निकालते हैं। उन्होंने कलेक्टर पर आदिवासियों के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा – “मेरे सामने बैगा आदिवासियों को डांट-फटकारा जा रहा है। मुर्गा-बकरा खाने के लिए कलेक्टर बनी है क्या? ऐसी कलेक्टर डिंडौरी जिले में रहने लायक नहीं है।”
एक बैगा महिला बुधिया बाई ने जनसुनवाई में बताया कि नाती की मौत के बाद सहायता राशि के लिए वह महीनों से चक्कर काट रही हैं, लेकिन कलेक्टर ने विधायक की मौजूदगी में भी उन्हें फटकारा।विकास कार्यों पर रोक लगाने का आरोप लगाते हुए विधायक ने कहा कि मेहदवानी ब्लॉक का संदीपनी विद्यालय निर्माण कलेक्टर ने रुकवा दिया। नगर की घटिया सीवरेज लाइन, जिसे जनप्रतिनिधियों ने रोक दिया था, उसे ठेकेदार से मिलीभगत कर फिर से शुरू करवा दिया।इसी दौरान एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शिक्षण संस्थानों में मनमानी भर्ती की जा रही है। उनकी पत्नी योग्य होने के बावजूद चार माह से नियुक्ति से वंचित हैं।विधायक धुर्वे ने एलान किया कि वे इन सभी मामलों की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री से करेंगे। उन्होंने शिक्षकों के स्थानांतरण और युक्तिकरण में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाते हुए कलेक्टर पर विकास कार्यों में बाधा डालने का ठीकरा फोड़ा।
जनसुनवाई के बहाने उठा यह विवाद अब प्रशासन और जनप्रतिनिधि आमने-सामने खड़े कर चुका है। जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।