आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 20 नवंबर,डिंडोरी जिले के कामको मोहिनिया दीवारी रेत खदान में शासन के नियमों को ताक पर रखकर मशीनों से रेत निकाली जा रही है। लगातार हो रहे अवैध उत्खनन की शिकायतें जब मीडिया द्वारा फोटो-वीडियो के जरिए जिला प्रशासन तक पहुँचीं, तब कलेक्टर के निर्देश पर जिला खनिज अधिकारी अशोक कुमार नागले ने स्थल का निरीक्षण किया। उनकी रिपोर्ट में साफ बताया गया कि नदी से मशीन से रेत निकालना पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन हाल में मशीनों से रेत निकाले जाने के स्पष्ट सबूत मिले हैं।खनिज अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ठेकेदार को सिर्फ मशीन से रेत भरने की अनुमति है, उत्खनन की नहीं। खनिज विभाग ने मामले में ठेकेदार को नोटिस जारी करने की बात कही है। ग्रामीण मजदूरों की अनसुनी दर्द भरी कहानी ......गांव के मजदूर भगत सिंह केराम ने बताया कि ठेकेदार ने शुरुआत में स्ट्रीट लाइटें लगाने और पौधारोपण का वादा किया था, लेकिन सिर्फ कुछ जगहों पर ही लाइट लगीं – और पौधारोपण तो शुरू ही नहीं हुआ। मज़दूरी की दिक्कतें अलग — ठेकेदार की गाड़ियाँ दिन में कम ही आती हैं, रात में जल्दबाजी में रेत ले जाई जाती है, जिससे दिनभर मज़दूर खाली बैठे रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रात में मशीनों से उत्खनन कर ट्रकों में रेत भरकर निकाल लिया जाता है यह काम कमीशन के दम पर हो रहा है।
बर्बाद सड़कें, बेहाल गाँव — बच्चों के स्कूल तक पहुँचना मुश्किलरेत की गाड़ियों की आवाजाही के चलते गाँव की सड़कें — खासकर स्कूल वाले रास्ते — बुरी तरह जर्जर हो गई हैं। रात में गाड़ियाँ आते वक्त पानी गिरने से सड़क पर कीचड़ फैल जा रहा है, जिससे बच्चे स्कूल नहीं पहुँ पाते, बुजुर्गों के लिए चलना मुश्किल हो गया है।अव्यवस्था और प्रशासन की अनदेखीग्रामीणों का आरोप है कि खनिज अधिकारी या प्रशासन उनके हालात पूछने नहीं आते। जब गाँव के सुपरवाइज़र से शिकायत करते हैं, तो वे भी बहाना बनाते हैं कि "गाड़ी ही नहीं आती"। भगत सिंह केराम ने बताया कि कलेक्टर तक भी शिकायत पहुँचाने की उम्मीद कम है, क्योंकि “जब चौकी में सुनवाई नहीं होती, तो कलेक्टर से क्या उम्मीद करें”।

