आई विटनेस न्यूज 24, शुक्रवार 14 नवंबर,क्षेत्र के किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लगातार हुई बरसात से पहले ही धान की फसल प्रभावित हुई थी, अब जल संसाधन विभाग की लापरवाही ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। जैसे ही किसानों ने दो दिन पहले धान कटाई का कार्य प्रारंभ किया, विभाग ने बिलगढ़ा बांध से नहरों में पानी छोड़ दिया।खास बात यह है कि बिलगढ़ा बांध से निकलने वाली अधिकांश नहरें जगह-जगह फूटी हुई हैं।
नतीजतन नहरों से निकलकर पानी सीधे किसानों के खेतों में भरने लगा है। खेतों में पानी जमा हो जाने से कटाई का कार्य ठप पड़ गया है और हार्वेस्टर मशीनें नहीं चल पा रही हैं। कई किसानों की फसल पानी में डूबने के कगार पर है।इस स्थिति को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। किसान संघ के तहसील मंत्री यतेन्द्र साहू ने कहा कि यदि विभाग तुरंत नहरों को बंद नहीं करता और किसानों को नुकसान हुआ, तो इसमें जल संसाधन विभाग सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राहत नहीं दी गई तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे।साहू ने बताया कि किसान पहले ही मौसम की दोहरी मार झेल रहे हैं। अब यदि कटाई प्रभावित होती है तो यह उनकी आर्थिक स्थिति को गहरा आघात पहुंचाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत नहरों को बंद करवाया जाए और जिन किसानों की फसलें डूब गई हैं, उन्हें मुआवजा दिया जाए।ग्रामीणों का कहना है कि नहरों की मरम्मत की मांग वर्षों से की जा रही है, पर विभाग ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। अब जब फसलें तैयार हैं और कटाई का समय चल रहा है, तो नहरों में पानी छोड़ा जाना किसानों के साथ अन्याय जैसा है। किसानों ने विभाग से त्वरित कार्रवाई की मांग की है ताकि उनकी मेहनत पर पानी न फिर जाए।


