आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 4 दिसम्बर, शहपुरा जनपद के ग्राम पंचायत कंचनपुर-माल में कराए गए निर्माण एवं विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद कलेक्टर डिंडौरी ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर मौके पर निरीक्षण कराया। दल द्वारा प्रस्तुत विस्तृत प्रतिवेदन ने पंचायतों में फैली लापरवाही, तकनीकी चूक और वित्तीय गड़बड़ियों की परतें खोल दी हैं।जांच रिपोर्ट के अनुसार ज्वाप नाला निर्माण से संबंधित न तो किसी प्रकार के भुगतान अभिलेख उपलब्ध कराए गए और न ही माप पुस्तिका। इस कारण कार्य की गुणवत्ता और भुगतान की वास्तविकता की पुष्टि संभव नहीं हो सकी।स्टॉप-डैम निर्माण में भी कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। स्वीकृत ड्राइंग उपलब्ध नहीं कराई गई और तकनीकी मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि बंध पर मिट्टी डालकर सीधे कंक्रीट की छपाई कर दी गई, जबकि निर्माण पूरा दिखाकर केवल मजदूरी का भुगतान कर दिया गया। यह ढांचा कई स्थानों से पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है। रिपोर्ट में इसे सरकारी धन का स्पष्ट दुरुपयोग बताया गया।मानक गैबियन संरचना जहां इस्पात के बॉक्स और मजबूत बोल्डर से बनाई जाती है, वहां केवल जाली डालकर छोटे-छोटे पीसीसी कंपार्टमेंट बना दिए गए। इसी तरह ग्राम डुण्डीसरई में बनी पुलिया के लिए भी न तो ड्राइंग, न माप-तौल और न ही भुगतान दस्तावेज पंचायत प्रस्तुत कर सकी।जांच में यह भी सामने आया कि मेट राजेंद्र आर्मी को फर्जी हाजिरी के कारण हटाया गया था, लेकिन हटाए जाने के बाद भी उसे मजदूरी भुगतान जारी रहा।तालाब निर्माण में भी लापरवाही के गंभीर मामले उजागर हुए हैं। जल-गंगा अभियान के तहत बनाए जा रहे तालाब का चयन ग्राम सभा की वैध स्वीकृति के बिना किया गया और उसका डूब क्षेत्र निजी भूमि पर पाया गया। शमशान घाट का शेड भी पानी में डूब गया है। वहीं पास के कम ऊंचाई वाले वैकल्पिक स्थल की अनदेखी की गई, जबकि वहां पहले से स्टॉप-डैम मौजूद था।डुण्डीसरई तालाब में बंध-वाल से पानी रिसता पाया गया, जिससे अनुमान है कि गर्मियों में तालाब पूरी तरह खाली हो जाएगा। यहां भी स्वीकृत ड्राइंग उपलब्ध नहीं कराई गई।सरपंच और सचिव पर सरकारी राशि अपने खाते में जमा कराने के आरोप की जांच में केवल 3,660 रुपये की प्रतिपूर्ति राशि ही जमा होने की पुष्टि हुई। बाकी भुगतान लंबित मिला, जिससे आरोप असत्य पाया गया।पंचायत अभिलेखों के अनुसार अंतिम ग्राम सभा 14 अप्रैल 2025 को आयोजित हुई थी, जबकि नियमित ग्राम सभा आयोजित करने का प्रावधान है।जांच दल ने सभी बिंदुओं के आधार पर विस्तृत प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंप दिया है। अब जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई का इंतजार है।
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ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर की त्वरित कार्रवाई, घोटाले और निर्माण कार्यों में बड़ी अनियमितताएँ उजागर
ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर की त्वरित कार्रवाई, घोटाले और निर्माण कार्यों में बड़ी अनियमितताएँ उजागर
आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 4 दिसम्बर, शहपुरा जनपद के ग्राम पंचायत कंचनपुर-माल में कराए गए निर्माण एवं विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद कलेक्टर डिंडौरी ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर मौके पर निरीक्षण कराया। दल द्वारा प्रस्तुत विस्तृत प्रतिवेदन ने पंचायतों में फैली लापरवाही, तकनीकी चूक और वित्तीय गड़बड़ियों की परतें खोल दी हैं।जांच रिपोर्ट के अनुसार ज्वाप नाला निर्माण से संबंधित न तो किसी प्रकार के भुगतान अभिलेख उपलब्ध कराए गए और न ही माप पुस्तिका। इस कारण कार्य की गुणवत्ता और भुगतान की वास्तविकता की पुष्टि संभव नहीं हो सकी।स्टॉप-डैम निर्माण में भी कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। स्वीकृत ड्राइंग उपलब्ध नहीं कराई गई और तकनीकी मानकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि बंध पर मिट्टी डालकर सीधे कंक्रीट की छपाई कर दी गई, जबकि निर्माण पूरा दिखाकर केवल मजदूरी का भुगतान कर दिया गया। यह ढांचा कई स्थानों से पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है। रिपोर्ट में इसे सरकारी धन का स्पष्ट दुरुपयोग बताया गया।मानक गैबियन संरचना जहां इस्पात के बॉक्स और मजबूत बोल्डर से बनाई जाती है, वहां केवल जाली डालकर छोटे-छोटे पीसीसी कंपार्टमेंट बना दिए गए। इसी तरह ग्राम डुण्डीसरई में बनी पुलिया के लिए भी न तो ड्राइंग, न माप-तौल और न ही भुगतान दस्तावेज पंचायत प्रस्तुत कर सकी।जांच में यह भी सामने आया कि मेट राजेंद्र आर्मी को फर्जी हाजिरी के कारण हटाया गया था, लेकिन हटाए जाने के बाद भी उसे मजदूरी भुगतान जारी रहा।तालाब निर्माण में भी लापरवाही के गंभीर मामले उजागर हुए हैं। जल-गंगा अभियान के तहत बनाए जा रहे तालाब का चयन ग्राम सभा की वैध स्वीकृति के बिना किया गया और उसका डूब क्षेत्र निजी भूमि पर पाया गया। शमशान घाट का शेड भी पानी में डूब गया है। वहीं पास के कम ऊंचाई वाले वैकल्पिक स्थल की अनदेखी की गई, जबकि वहां पहले से स्टॉप-डैम मौजूद था।डुण्डीसरई तालाब में बंध-वाल से पानी रिसता पाया गया, जिससे अनुमान है कि गर्मियों में तालाब पूरी तरह खाली हो जाएगा। यहां भी स्वीकृत ड्राइंग उपलब्ध नहीं कराई गई।सरपंच और सचिव पर सरकारी राशि अपने खाते में जमा कराने के आरोप की जांच में केवल 3,660 रुपये की प्रतिपूर्ति राशि ही जमा होने की पुष्टि हुई। बाकी भुगतान लंबित मिला, जिससे आरोप असत्य पाया गया।पंचायत अभिलेखों के अनुसार अंतिम ग्राम सभा 14 अप्रैल 2025 को आयोजित हुई थी, जबकि नियमित ग्राम सभा आयोजित करने का प्रावधान है।जांच दल ने सभी बिंदुओं के आधार पर विस्तृत प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंप दिया है। अब जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई का इंतजार है।
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Ashish Joshi
ASHISH JOSHI | आई विटनेस न्यूज़ 24 के संचालक के रूप में, मेरी प्रतिबद्धता हमारे दर्शकों को सटीक, प्रभावशाली और समय पर समाचार प्रदान करने की है। मैं पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखते हुए हर खबर को सच के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूँ। आई विटनेस न्यूज़ 24 में, हमारा लक्ष्य है कि हम समाज को सशक्त और जोड़ने वाली आवाज़ बनें।

