आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 15 जनवरी,अमरकंटक-जबलपुर नेशनल हाईवे के कारोपानी कृष्णमृग संरक्षित क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने वन्यजीव सुरक्षा की पोल खोल दी। तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने सड़क पार कर रही एक मादा काले हिरण को कुचल दिया, जो मौके पर ही दर्द से तड़पकर मर गई। यह नन्ही जान, जो दुर्लभ कृष्णमृग प्रजाति की मां थी, हाईवे की बेरहम रफ्तार का शिकार बन गई—और यह पहली बार नहीं हुआ।कारोपानी को कृष्णमृग संरक्षित क्षेत्र घोषित किए सालों बीत चुके, जहां सैकड़ों काले हिरण शांतिपूर्वक विचरते हैं। लेकिन नेशनल हाईवे की अमानुषिक गति ने इन्हें मौत के मुंह में धकेल दिया है। पूर्व में भी ऐसी कई घटनाएं दर्ज हैं, जहां वाहनों ने इन संरक्षित जीवों की जान ली। फिर भी, प्रशासन सोता रहा—न गति सीमा के साइन बोर्ड, न स्पीड ब्रेकर, न चेतावनी संकेत, न ही रात्रिकालीन निगरानी। क्या ये दुर्लभ प्रजातियां सिर्फ आंकड़ों में सिमट जाएंगी?वन्यजीव प्रेमी और स्थानीय निवासी सवाल उठा रहे हैं: शासन की नींद कब टूटेगी? हाईवे पर वन्यजीव क्रॉसिंग जोन, कैमरा ट्रैपिंग और सख्ती से स्पीड चेक क्यों नहीं? यह समय है ठोस कदम उठाने का, वरना कारोपानी का काला हिरण इतिहास के पन्नों में सिमट जाएगा।

