राजेश ठाकुर की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, शुक्रवार 9 जनवरी,जनपद पंचायत डिंडोरी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुड़िया खुर्द में पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने की बजाय पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा लापरवाही और कमीशनखोरी से पलीता लगाया जा रहा है।ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत में हाल ही में बना नवनिर्मित तालाब कागज़ों पर तो पूर्ण दर्ज है, लेकिन हकीकत में तालाब में पानी की एक बूंद भी नहीं है। इसके विपरीत, तालाब के भीतर ही मटर की खेती की जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार की पोल खुलकर सामने आ गई है।ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच और सचिव की मिलीभगत से निर्माण कार्य बिना किसी तकनीकी जांच-पड़ताल के कराया गया, जिससे शासन की राशि का दुरुपयोग हुआ है। वहीं, उप-यंत्री द्वारा भी मौके पर निरीक्षण किए बिना निर्माण संबंधी बिल और वाउचर पास कर दिए गए, जो इस घोटाले में प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है।गौर करने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर साइन बोर्ड तक नहीं लगाया गया—न ही निर्माण लागत, स्वीकृत वर्ष या परियोजना का उल्लेख किया गया। तस्वीरों से स्पष्ट है कि तालाब में पानी नहीं, बल्कि हरी-भरी फसल खड़ी हो रही हैं। यह दृश्य भ्रष्टाचार की सच्ची तस्वीर पेश करता है।ईमानदारी से यदि मुड़िया खुर्द सहित जनपद पंचायत डिंडोरी के अंतर्गत सभी नवनिर्मित तालाबों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो कई चोकाने वाले मामले सामने आएंगे।
साथ ही भ्रष्टाचार केजिम्मेदारों पर ठोस कार्यवाही हो ताकि भविष्य में सार्वजनिक धन का दुरुपयोग रोका जा सके।

