आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 5 फरवरी,आजादी के 75 साल बाद भी डिंडोरी जिला रेल सुविधा से वंचित बना हुआ है। स्थानीय निवासियों के लिए रेल लाइन महज एक सपना बनी हुई है, हालिया केंद्रीय बजट से क्षेत्रवासियों को काफी उम्मीदें थी, जो अब ध्वस्त हो चली है।
सांसद कुलस्ते ने 17 जनवरी 2025 को रेल, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अमरकंटक से डिंडोरी-मंडला, लखनादौन तथा नरसिंहपुर तक नई रेल लाइन के निर्माण की मांग की थी। पत्र का संज्ञान लेते हुए रेल मंत्री ने संबंधित निदेशालय को विस्तृत जांच के लिए प्रस्ताव भी भेजा था।
1 फरवरी 2026 के ताजा पत्र में तो डिंडोरी का नाम तक भूल गया सांसद महोदय— डिण्डोरी से ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों?1 फरवरी 2026 को सांसद द्वारा रेल मंत्री को फिर पत्र लिखा गया, जिसमें नई रेल लाइन विस्तार और मंडला क्षेत्रीय विकास पर जोर दिया गया, सांसद के सौतेला व्यवहार से डिण्डोरी के स्थानीय लोगों में निराशा है पूर्व सांसद बसोरी सिंह मसराम ने भी पेंड्रा-डिंडोरी रेल लाइन के लिए प्रस्ताव दिया था। विगत वर्ष सांसद कुलस्ते ने रेल मंत्री से मिलकर इसकी संभावनाओं पर चर्चा की, मगर आज तक रेल की पटरियां बिछाना तो दूर रेल लाईन के सर्वे तक कि भनक नही सुनाई दी।
केंद्रीय आम बजट में डिंडोरी की इस प्रमुख मांग को जगह न मिलने से लोगों की उम्मीदें टूट रही हैं।क्षेत्र के व्यापारी और युवा परेशान हैं।
नई रेल लाइन से न केवल क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में भी इजाफा होगा।



