राजेन्द्र तंतवाय की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, सोमवार 16 मार्च, जिले में स्टोन क्रेशरों के संचालन को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। यहां कई स्थानों पर स्टोन क्रेशर संचालक नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की गाइडलाइन को दरकिनार कर नियमों के विरुद्ध क्रेशर चला रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार खनिज विभाग चुप्पी साधे बैठा है। विभाग की इस चुप्पी से क्रेशर संचालकों के हौसले बुलंद हो गए हैं।
ताजा मामला डिंडोरी जिले की ग्राम पंचायत दुहनिया का सामने आया है, जहां एक सड़क निर्माण कंपनी द्वारा स्थापित स्टोन क्रेशर नियमों की अनदेखी कर संचालित किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्रेशर से निकलने वाली धूल और प्रदूषण के कारण आसपास के खेतों में लगी किसानों की फसलें खराब हो रही हैं।
इतना ही नहीं, क्रेशर संचालन के दौरान की जा रही अवैध ब्लास्टिंग से आसपास के ग्रामीणों के मकान भी जर्जर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और खनिज विभाग को शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते क्रेशर संचालन पर नियमों के अनुसार नियंत्रण नहीं किया गया तो किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। वहीं खनिज विभाग की निष्क्रियता पर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर शिकायतों के बावजूद विभाग कार्रवाई करने से क्यों बच रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि एनजीटी के नियमों के अनुसार क्रेशर संचालन सुनिश्चित कराया जाए और अवैध रूप से चल रहे क्रेशरों पर तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों की फसल और ग्रामीणों के मकानों को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।

