आई विटनेस न्यूज 24, शनिवार 28 मार्च, नगर परिषद डिंडौरी से जुड़े बंधान (तालाब) और सीवर लाईन विवाद मामले में अब न्यायालय ने सख्त रुख अपना लिया है। प्रथम जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, लोकायोगी लोक अदालत द्वारा जारी नोटिस के बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार लोकायोगी लोक अदालत, डिंडौरी द्वारा 14 मार्च 2026 को जारी सूचना पत्र में जिला प्रशासन से जवाब तलब किया गया है। नोटिस में स्पष्ट उल्लेख है कि ठाकुर देव बाबा मछुआ स्व-सहायता समूह द्वारा प्रस्तुत आवेदन में नगर परिषद द्वारा तालाब में सीवर लाइन डाले जाने, गंदे एवं जहरीले पानी के प्रवाह, मछलियों की मृत्यु और आजीविका प्रभावित होने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
न्यायालय ने जिला दंडाधिकारी को निर्देशित किया है कि 28 मार्च 2026 तक पूरे मामले में विस्तृत जवाब प्रस्तुत किया जाए। इस आदेश के बाद प्रशासन पर समयसीमा में तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करने का दबाव बढ़ गया है।
हालांकि इस मामले पर आई विटनेस न्यूज 24 ने 27 जनवरी को खबर प्रकाशित की थी, वार्ड क्रमांक 13 स्थित बंधान को लेकर स्व-सहायता समूह ने लगभग 4 लाख रुपये के मछली बीज नष्ट होने का आरोप लगाया था। समूह का कहना है कि वर्तमान स्थिति में 10 हजार रुपये की भी मछली नहीं निकाली जा पा रही है।
समूह ने नगर पार्षद सुनीता सारस पर भी गंभीर आरोप लगाए थे, जिनमें बंधान क्षेत्र में कमलगट्टा डलवाने और निजी हित में निर्माण कर बाउंड्री व भवन खड़े करने की बात कही गई थी।
अमृत 2.0 योजना के तहत चल रहे सीवर लाइन एवं एसटीपी निर्माण कार्य को लेकर भी शिकायतें सामने आई थी। आरोप था कि पुरानी डिंडौरी के तालाब के भीतर से सीवर लाइन डाली गई, जिससे लीकेज की आशंका और जल प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है।
इस पूरे प्रकरण में कलेक्टर द्वारा 25 फरवरी 2026 को जांच दल गठित किये जाने के निर्देश दिए थे। वहीं, समय पर जानकारी उपलब्ध न कराने पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।
न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है। अब सभी की नजरें 28 मार्च पर टिकी हैं, जब जिला प्रशासन को अपना पक्ष लोक अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना है। यह देखना अहम होगा कि जांच और जवाब के बाद इस पूरे विवाद में क्या कार्रवाई सामने आती है।

