राजेन्द्र तंतवाय की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, मंगलवार 14 अप्रैल, जनपद पंचायत डिंडौरी की ग्राम पंचायत सारसताल से सामने आए आरोपों ने प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हितग्राही आधारित इन योजनाओं का स्वरूप बदलकर कथित तौर पर ठेकेदारी प्रणाली में परिवर्तित कर दिया गया है, जिससे गरीबों को मिलने वाला सीधा लाभ प्रभावित हो रहा है और उनके सपनों का घर अब दूसरों के नियंत्रण में नजर आ रहा है।
सारसताल में सामने आए आरोपों के अनुसार, आवास निर्माण कार्य में बाहरी हस्तक्षेप बढ़ गया है और लाभार्थियों की भूमिका सीमित होती जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि योजना के तहत आने वाली राशि उनके नाम पर जारी होती है, लेकिन निर्माण कार्य और खर्च पर उनका वास्तविक नियंत्रण नहीं रहता। इससे योजना का मूल उद्देश्य, जिसमें हितग्राही को सशक्त बनाना शामिल है, कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।
इस पूरे मामले में जनपद पंचायत डिंडौरी के आवास प्रभारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है। वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर रोजगार सहायक उम्मेद सिंह पर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही PCO ठग्गन मरावी पर भी कथित रूप से संरक्षण देने के आरोप सामने आए हैं, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
योजनाओं के नियमों के अनुसार लाभ सीधे हितग्राही को दिया जाना चाहिए और निर्माण कार्य उसकी निगरानी में होना चाहिए, लेकिन सारसताल में इसके विपरीत स्थिति होने के आरोप हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया एक नियंत्रित व्यवस्था की तरह संचालित हो रही है, जिसमें पारदर्शिता की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
गांव में इन आरोपों को लेकर असंतोष लगातार बढ़ रहा है और लोग खुलकर जांच की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वास्तविक हितग्राहियों को उनका अधिकार मिल सके।
अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गरीबों के हक पर किसी प्रकार का अतिक्रमण हो रहा है और क्या जिम्मेदार अधिकारी इस ओर पर्याप्त ध्यान दे रहे हैं। यह मामला किसी बड़े घोटाले का संकेत भी हो सकता है, जिसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।

