आई विटनेस न्यूज 24, मंगलवार 14 अप्रैल, जिला मुख्यालय में अवैध शराब का कारोबार तेजी से फैलता नजर आ रहा है, जिससे कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में खुलेआम शराब की बिक्री होने के आरोप सामने आ रहे हैं, जबकि प्रतिबंधों के बावजूद इस तरह की गतिविधियों का जारी रहना प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है।
जानकारी के अनुसार कॉलेज तिराहा,पुराने चुंगी नाक,से लेकर जलाराम पेट्रोल पंप के आसपास, शाम ढलते ही अवैध शराब का कारोबार सक्रिय हो जाता है। इन स्थानों पर छोटी-छोटी गुमटियां और टॉपरों कथित तौर पर शराब बिक्री के अड्डों में तब्दील होते जा रहे हैं, जिससे स्थानीय माहौल प्रभावित हो रहा है।
सूत्रों का कहना है कि यह गतिविधियां केवल छोटे स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क के रूप में संचालित हो रही हैं। सप्लाई से लेकर बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से चलने की बात सामने आ रही है, जिससे यह संदेह भी गहरा रहा है कि इस कारोबार को कहीं न कहीं संरक्षण मिल रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिबंध के बावजूद शराब की लगातार उपलब्धता यह संकेत देती है कि निगरानी और कार्रवाई के स्तर पर कहीं न कहीं कमी है। साथ ही यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि कार्रवाई क्यों अपेक्षित स्तर पर प्रभावी नहीं दिखाई दे रही है।
अवैध शराब के बढ़ते प्रचलन का असर सामाजिक व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है और सार्वजनिक स्थानों पर अशांति की स्थिति बन रही है। छोटे-छोटे विवादों से लेकर गंभीर घटनाओं की आशंका भी बढ़ रही है, जिससे नागरिकों में चिंता का माहौल है।
शहर में इस स्थिति को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह समस्या कानून-व्यवस्था के बड़े संकट का रूप ले सकती है। फिलहाल नजरें प्रशासनिक कदमों पर टिकी हैं कि इस मुद्दे पर किस तरह की कार्रवाई सामने आती है।

