आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 27 अगस्त, जिला मुख्यालय से महज 13 किलोमीटर दूर शाहपुर कस्बे में स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत बदहाल नजर आ रही है। मुख्य मार्ग और बाजार क्षेत्र में जगह-जगह कचरे के ढेर, गोबर, कीचड़ और सड़ी-गली सब्जियां पड़ी हैं। बारिश के मौसम में गंदगी की समस्या और बढ़ गई है, जिससे राहगीरों, दुकानदारों और रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सब्जी बाजार क्षेत्र में रोजाना निकलने वाले खराब फल और सब्जियों के कचरे का उचित निस्तारण नहीं होने से दुर्गंध फैल रही है। खुले में पड़ी सड़ी सब्जियां बारिश के पानी के साथ आसपास फैलकर गंदगी और कीचड़ का कारण बन रही हैं। लंबे समय तक कचरा पड़े रहने से बाजार क्षेत्र का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।
शाहपुर में फैली गंदगी के लिए केवल पंचायत की व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराना भी उचित नहीं होगा। कई स्थानों पर घरों और दुकानों से निकलने वाला कचरा सड़क किनारे और नालियों में डाल दिया जाता है। खराब फल-सब्जियों को खुले में फेंकने की आदत भी समस्या को लगातार बढ़ा रही है।
स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पंचायत के साथ नागरिकों और व्यापारियों की जिम्मेदारी भी जरूरी है। सफाई के बाद यदि दोबारा उसी स्थान पर कचरा डाल दिया जाए तो नियमित सफाई व्यवस्था भी स्थायी समाधान नहीं दे सकती। इसलिए कचरा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।
बारिश के दौरान सड़क किनारे जमा कचरा, गोबर और सड़ी सब्जियां पानी के साथ फैलकर कीचड़ में बदल रही हैं। इससे मुख्य मार्ग और बाजार क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हो रहा है। गंदगी और सड़ांध के कारण स्थानीय लोगों को लगातार असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
शाहपुर में स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के लिए बाजार क्षेत्र में नियमित कचरा संग्रहण और उठाव की व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। पर्याप्त कूड़ेदान लगाने के साथ खुले में कचरा फेंकने पर निगरानी और नियमानुसार कार्रवाई भी जरूरी है। इसके साथ ही दुकानदारों और रहवासियों को स्वच्छता के प्रति लगातार जागरूक किया जाना चाहिए।
स्वच्छता किसी एक दिन, सप्ताह या पखवाड़े तक चलने वाला अभियान नहीं है। इसे रोजमर्रा की आदत बनाने की जरूरत है। पंचायत को अपनी जिम्मेदारी निभाने के साथ नागरिकों और व्यापारियों को भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकने का संकल्प लेना होगा।
शाहपुर को स्वच्छ बनाने के लिए पंचायत और जनता दोनों को अपनी भूमिका निभानी होगी। व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों की आदत बदलेगी तभी स्वच्छता अभियान का वास्तविक असर दिखाई देगा। फिलहाल मुख्य मार्ग पर पसरी गंदगी, सड़ी सब्जियों की सड़ांध और कीचड़ शाहपुर की स्वच्छता व्यवस्था की तस्वीर खुद बयां कर रहे हैं।


