बस्तर छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ लगभग दो करोड़ आबादी
वाला प्रदेश है यहां के अधिकांश भाग में जंगल है
जितने भी राज्य की सीमाएं छत्तीसगढ़ से मिलती है
सभी जंगल एरिया हैऔर जंगल नक्सलियों के लिए
एकदम उपयुक्त जगह होती है यहां वह वन संपदा
का दोहन करते हैं एवं छुपने और सुरक्षाबलों पर
हमला कर अपनी दहशत कायम रखने का कार्य
बखूबी कर सकते हैं
छत्तीसगढ़ के बहुत सारे जिलों में नक्सलियों
का आतंक पसरा हुआ है नक्सली सीमावर्ती गांव में
पनाह भी लेते हैं और मुखबिरी के शक पर ग्रामीणों
की हत्या भी करते हैं प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार
नक्सलियों के सफाए के लिए समय-समय पर
विभिन्न ऑपरेशन चलाती है लेकिन नक्सलियों का
जड़ से सफाया करने में नाकाम है
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में नक्सलियों का आतंक
है। आए दिन नक्सलियों द्वारा किये जा रहे हमले में
प्रदेश सरकार को जन तथा धन का काफी नुकसान
उठाना पड रहा है।
बस्तर जिले के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज
पी ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कोबरा बटालियन
206 के जवानों को गश्त के लिए भेजा गया था
जैसे यह जवान गश्त करते हुए ताड़मेटला गांव
के जंगल में पहुचे तभी नक्सलियों ने बारूदी
सुरंग में विस्फोट कर दिया। जिसमें पांच जवान
घायल हुए है। सभी घायल जवानो को जंगल से
बाहर निकाल कर इलाज के लिए भेज दिया है।
वही इनमें से एक की हालत काफी नाजुक
बनी


