आई विटनेस न्यूज़ 24दिल्ली:केंद्र की मोदी सरकार ने तीन नए कृषि कानूनों को लागू कर दिया है और दिल्ली के बॉर्डर पर बीते 18 दिनों से सर्दी की ठंड में आंदोलन कर रहे हजारों किसानों ने भी एलान कर दिया है कि उन्हें ये नए कृषि कानून किसी भी हालत में मंजूर नहीं है।
इसलिए सरकार इन्हें वापस लें।लेकिन केंद्र सरकार अपना रुख साफ कर चुकी है कि किसी भी हालत में नए कृषि कानून वापस नहीं होंगे,बल्कि उनमें संशोधन जरूर कर दिया जाएगा।
लेकिन किसान संगठनों की मांग है कि उन्हें कोई संशोधन नहीं चाहिए। सरकार बस इन कृषि कानूनों को रद्द कर दें चूंकि यह किसान विरोधी है।
कई दौर की बातचीत रद्द हो गई है और अब किसान व केंद्र सरकार दोनों अपनी-अपनी जिद्द पर अड़े है। ऐसे में सबसे ज्यादा दुर्गति हो रही है उन किसानों की जो बुजुर्ग होकर भी किसान आंदोलन में अपने हक की लड़ाई लड़ रहे है।
अब किसानों ने एलान कर दिया है कि आज,सोमवार 14 दिसंबर से सभी किसान एक दिन की भूख हड़ताल करेंगे।
किसानों ने साफ कर दिया है कि उन्हें कृषि बिल रद्द होने के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं है।
किसानों ने सोमवार सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक भूख हड़ताल की घोषणा की है। इसमें उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP के मुखिया अरविंद केजरीवाल का भी सपोर्ट मिल गया है।
किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए अरविंद केजरीवाल भी आज उनके समर्थन में एक दिन का उपवास रखेंगे।
इतना ही नहीं, किसानों ने भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक नए कृषि कानूनों को निरस्त नहीं कर दिया जाता तब तक किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।
सिंधु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा है कि हमारा साफ कहना है कि इन तीनों कृषि कानूनों को रद्द किया जाए।
