उन्होंने हर स्तर पर खुद को पार्टी के लिए समर्पित किया, लेकिन हर बार उनकी कार्यक्षमता और अधिकार क्षेत्र पर पार्टी के बड़े पदाधिकारियों ने अंकुश लगाने की पुरजोर कोशिश की। ताजा उदाहरण नवगठित डिंडौरी मंडल कार्यकारिणी के रूप में ली जा सकती है, जिसमें संगठन के नियमों को ताक पर रखकर ऐसे लोगों को बड़े पद सौंपे गए, जो हाल ही में पार्टी के सदस्य बने हैं। दूसरी ओर, पार्टी से लंबे समय से जुड़कर नि:स्वार्थ भाव से सेवाएं देने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं को खानापूर्ति के लिए वैकल्पिक पद देकर चुप कराने की कोशिश की गई है। दशरथ ने कहा कि नई कार्यकारिणी में जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई।
डिंडोरी-:आई विटनेस न्यूज़ 24,भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) डिंडौरी मंडल की कार्यकारिणी के गठन के साथ ही विरोध के स्वर उठने शुरू हो गए। मंडल की कार्यकारिणी सोमवार को गठित हुई और मंगलवार को नवनियुक्त मंत्री दशरथ सिंह राठौर ने जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत को इस्तीफा सौंप दिया। दशरथ ने पार्टी की नीतियों से निराश होकर मंत्री पद से अलग होने का निर्णय लिया। दशरथ ने इस्तीफे में जिक्र किया कि डेढ़ दशक से अधिक समय से पार्टी से जुड़े रहकर उन्होंने मंडल से लेकर गांवों तक करीब 8000 कार्यकर्ता जोड़े।
