डिंडोरी-आई विटनेस न्यूज 24,जिस तेजी से हमारा समाज आधुनिक हुआ है, उसी तेजी से महिलाओं के साथ हिंसा, यौन दुव्यर्वहार, छेड़खानी , रेप आदि के मामले बढ़े हैं। महिलाएं अपने साथ होने वाले अपराधों को लेकर किसी से कह नहीं पातीं और अपराधियों के हौंसले बढ़ते जाते हैं। महिलाओं के साथ बढ़ती अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने, महिलाओं को न्याय दिलाने और समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए महिला बाल विकास ने महिलाओ को जागरूक करने के लिए रैली निकाली भारत सरकार ने एक योजना शुरू की है। योजना का नाम है 'वन स्टॉप योजना' यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ न्याय दिलाने के लिए भी चलाई जा रही है।
वन स्टॉप सेंटर (सखी) अंतर्गत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउन्सलिंग की सुविधा वन स्टाॅप सेन्टर/उषा किरण केन्द्रों में उपलब्ध करायी जायेगी।
उद्देश्य :
एक ही छत के नीचे हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एकीकृत रूप से सहायता एवं सहयोग प्रदाय करना। • पीड़ित महिला एवं बालिका को तत्काल आपातकालीन एवं गैर आपातकालीन सुविधायें उपलब्ध करना, जैसे-चिकित्सा, विधिक, मनौवैज्ञानिक परामर्श आदि।
लक्षित समूह:
हिंसा से पीड़ित महिलायें, जिसमें 18 वर्ष से कम आयु की बालिकायें भी सम्मिलित है, को सहायता प्रदाय करना। • 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं की सहायता हेतु लैंगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 एवं किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 के अंतर्गत गठित संस्थाओं को सेन्टर से जोड़ना।
