नीतीश सरकार के फरमान की तुलना राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव ने हिटलर, मुसोलिनी जैसे तानाशाहों से की
डिंडौरी-आई विटनेस न्यूज 24,बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने नया नियम बनाया है कि अगर किसी ने भी विरोध प्रदर्शन किया या सड़क जाम की तो उसे सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी. सरकार की तरफ से जारी आदेश में सड़क जाम करने वालों को सरकारी नौकरी और सरकारी ठेके से वंचित रखने का प्रावधान किया गया है. सरकार के इस फैसले को लेकर विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा है.
बिहार सरकार के फरमान को तेजस्वी ने तानाशाही कहा
तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘मुसोलिनी और हिटलर को चुनौती दे रहे नीतीश कुमार कहते है अगर किसी ने सत्ता व्यवस्था के विरुद्ध धरना-प्रदर्शन कर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया तो आपको नौकरी नहीं मिलेगी. मतलब नौकरी भी नहीं देंगे और विरोध भी प्रकट नहीं करने देंगे. बेचारे 40 सीट के मुख्यमंत्री कितने डर रहे है?’
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने इससे पहले सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करने पर कार्रवाई का फरमान जारी किया था. उस फरमान की भी काफी आलोचना हुई थी.
तेजस्वी के टवीट को राष्ट्रीय जनता दल ने री ट्वीट किया है
तेजस्वी यादव के ट्वीट को उनकी पार्टी राजद के ट्विटर हैंडल से रिट्वीट करते हुए लिखा गया है, ‘तानाशाही CM नीतीश कुमार को को बिहार में सजग, जागरूक और मुखर नागरिक नहीं चाहिए, सिर्फ गुलाम कठपुतली चाहिए! न्यायालय को ऐसे मूल अधिकारों पर कुठाराघात करने वाले निर्देशों का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए!’
बिहार सरकार का फरमान
बिहार सरकार की ओर से जारी फरमान में कहा गया है, ‘ यदि कोई व्यक्ति विधि-व्यवस्था की स्थिति,विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम इत्यादि मामलों में संलिप्त होकर किसी आपराधिक कृत्य में शामिल होता है और उसे इस कार्य के लिए पुलिस के द्वारा आरोप पत्रित किया जाता है तो उनके संबंध में चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन में विशिष्ट एवं स्पष्ट रूप से प्रविष्टि की जाय. ऐसे व्यक्तियों को गंभीर परिणामों के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि उनमें सरकारी नौकरी/सरकारी ठेके आदि नहीं मिल पायेंगे.’।
लोकतंत्र है तो धरना प्रदर्शन होते ही रहेगा जनता अपने हक की आवाज उठाने के लिए सड़कों पर धरना प्रदर्शन चक्का जाम करती ही रहती है ऐसे में नीतीश का यह फरमान लोकतंत्र को भी चुनौती देने वाला दिखाई देता है।
