चंद्रागढ़ गांव से बिना बताए घर से काम के लिए निकली बैगा जनजाति की बच्चियों को कोतवाली पुलिस ने किया परिजनों के सुपुर्द
भीमसेन ठाकुर की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, बुधवार 15 दिसम्बर,डिंडौरी जिले में भोले भाले आदिवासियों को बहला फुसला कर काम के बहाने दूसरे प्रदेशों और महानगरों में ले जाने का सिलसिला थामने का नाम नही ले रहा है । ताजा मामला डिंडोरी सिटी कोतवाली क्षेत्र के चंद्रागढ़ गांव से सात लड़कियों को परिजनों की सहमति के बिना काम के बहाने दूसरे राज्यों में ले जाने का है जहाँ विशेष पिछड़ी और सरकार द्वारा संरक्षित बैगा जनजाति की महिलाओं ने गांव की बच्चियों को बिना बताए घर से जाने की शिकायत करते हुए उनकी पतासाजी कर उनके घर वापिसी की माँग का आवेदन 9 दिसंबर को सिटी कोतवाली में आकर दर्ज कराया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस मामले की पतासाजी में जुट गई थी । जिसके फलस्वरूप महाराष्ट्र के सतारा से बच्चियों को दस्तयाब करने में सफलता मिली कोतवाली प्रभारी से मिली जानकारी के अनुसार चंद्रागढ़ ग्राम की बैगा महिलाओं के द्वारा उनके घर की बच्चियों को बिना बताए घर से बाहर जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी शिकायत और परिजनों के द्वारा बताए गये तथ्यों को आधार बनाकर पतासाजी करते हुए महाराष्ट्र के सतारा से 7 लड़कियां तथा 2 लड़कों को दस्तयाब किया गया जिन्हें 13 दिसंबर सोमवार को डिंडोरी लाकर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया है ।
