आई विटनिश न्यूज 24, बुधवार 29 दिसम्बर, डिंडोरी गिरजा देवी कटारे बालविहार प्रांगण में स्थापित जय स्तंभ का स्वरूप बदलने को नगर परिषद तैयारी में जुटी है,सूत्रों ने बताया है की आजादी के बाद संपूर्ण राष्ट्र में आजादी का प्रतीक चिन्ह जयस्तंभ लगाया गया था जिसका अब नगर परिषद द्वारा स्थानांतरण करने का निर्णय नगर परिषद ने लिया है अंग्रेजी हुकूमत से जब देश को आजादी मिली उसी आजादी का प्रतीक चिन्ह जयस्तंभ आज अपने स्वरूप को खोने जा रहा है,भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक लंबा इतिहास रहा है,व्यवस्थित देशव्यापी आंदोलन की बात करें तो यह 1857-1947 तक आता है,1947 के बलिदान के बाद स्थापित यह प्रतीक चिन्ह जय स्तंभ एकमात्र जिले की धरोहर है जो नगर परिषद की आंखों की किरकिरी बन गई है, जिसे मार्केट बनाकर मुनाफा कमाने के चक्कर में नगर परिषद जयस्तंभ को कहीं और स्थापित करने का मन बना रहा है, वहीं स्थानीय लोगों मैं चर्चा का विषय बना हुआ है,तो वही नगर परिषद के इस निर्णय पर लोगों ने नाराजगी भी व्यक्त की है,आपको बता दें कि जय स्तंभ को अन्य जिलों में व प्रदेशों में बड़े ही सुंदरता और सहज कर रखा गया है, तो एक और डिंडोरी नगर परिषद का यह निर्णय नगर वासियों के समझ से परे है, वही लोगों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया है डिंडोरी जिले की इन अनमोल धरोहरों को जिले की आने वाली पीढ़ी अब शायद ही इसके विषय में कुछ जान पाएगी समझ पाएगी। डिंडोरी के इतिहास में यह पहली बार होने जा रहा है,नगर परिषद कुछ मुनाफे के लिए जिले की धरोहर का स्वरूप को मिटाने में लगा हुआ है,नगर परिषद ने पूर्व में ही परिषद के मुनाफे के लिए पैमाने में बड़े बिल्डिंगों का निर्माण तो कर लिया पर उन बिल्डिंगों में अब तक पार्किंग व शौचालयों की कोई व्यवस्था नहीं की गई है,डीडी मार्किट में बना हुआ है जिस पर भी ताला जड़ा हुआ है,जिससे महिलाओं को काफी समस्या का सामना करना पड़ता तो वही सूत्र बताते है कि इन समस्याओं को सुधारने के पूर्व ही नगर परिषद ने जिले की सुंदरता को ही ध्वस्त करने का मन ही मन अपना निर्णय ले लिया है है,स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि नगर परिषद चाहती तो जयस्तंभ के स्थान पर आलीशान मार्केट ना बनाकर वहां गार्डन बनाती तो जिले के नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए खेल का मैदान स्थापित करती तो शायद जिले के लोग खूबसूरत गार्डन और बच्चों के लिए खेल के मैदान का लाभ मिल पाए परंतु नगर परिषद ने इस और सोचा भी नहीं नगर की सुंदरता बढ़ाने बड़े-बड़े आयाम किए गए किंतु सुंदरता ने आजादी के स्तंभ को स्थानांतरण करने की ठान ली।
इनका कहना है -
इस समय नगर परिषद भाजपा मई बनी हुई है उनके मन में जो आता है ये वेसा ही करते है, और उन्होंने बताया कि हमें जानकारी मिली है कि जिले में लगे जयस्तंभ को नगरपरिष द्वारा हटाए जाने की चर्चा है और यदि नगर परिषद आजादी के इस स्तंभ को कोई छती पहुंचती है तो जिला कांग्रेस कमेटी इसके लिए आंदोलन करेगी यह बहुत ही निंदनीय कार्य है
इनका कहना है गिरजा देवी बाल विहार प्रांगण में स्थापित जयस्तंभ है जहां नगर परिषद द्वारा मार्केट बनाया जा रहा है उन्होंने बताया पूर्व की परिषद ने पहले ही शहर में अन्य जगह मार्केट का निर्माण किया हुआ है उन्होंने बताया कि अब ले देकर गिरजा देवी बाल विहार प्रांगण ही बचा है उसे भी अब नगर परिषद द्वारा मार्केट का निर्माण किया जा रहा है उन्होंने इतिहास दोहराते हुए बताया कि यह स्थान जिसे हमारे पिताजी द्वारा बाल विहार बनाने के लिए भूमि दान में दी थी वही इसका नाम हमारी माता स्वर्गीय श्रीमती गिरजा देवी कटारे के नाम से रखा गया है जिस पर नगर परिषद द्वारा मार्केट का निर्माण किया जा रहा है वहीं आजादी मिलने के दौरान संपूर्ण राष्ट्र में आजादी का प्रतीक चिन्ह जयस्तंभ लगाया गया था जिसे मार्केट निर्माण करने हेतु स्थानांतरित किया जा रहा है जो कि गलत है उन्होंने बताया की बालविहार प्रांगण में आदि जगह नगर परिषद की है तो वहीं कुछ जमीन जनपद पंचायत की भी है उन्होंने बताया जयस्तंभ जिस स्थान पर है उसे उसी स्थान पर रखा जाए और वहां एक अच्छा गार्डन और छोटे बच्चों के लिए खेल मैदान बनाई जाए ताकि जिले की सुंदरता और बड़े और आजादी का प्रतीक चिन्ह यथावत उसी स्थान पर रहे ताकि आने वाली पीढ़ी इसके बारे में जान सके समझ सके वरिष्ठ कांग्रेसी नित्यानंद कटारे
