ईश्वर दुबे की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, रविवार 20 फरवरी,यह समय चुनाव की तैयारी का समय है और इन दिनों सभी राजनीतिक पार्टियां जनता के बीच जा कर खूब अनुलोम विलोम कर रही है,साथ ही लोकलुभावने सपनो में खूब रंग भर रही है।जबकि जमीनी हकीकत में ये एकदम बेरंग पानी से बनी तस्वीर से कम नही है।मध्यप्रदेश की वर्तमान की सरकार इन दिनों जल जीवन मिशन हर घर में पानी का खूब शोर मचा रही गए जबकि हकीकत कुछ और ही है।पूर्व में लगे हेण्डपम्प और नलजल योजना जो विभागों की अनदेखी के चलते बीमार हो गई है,उन्हें ही दुरुस्त कर दिया जाए तो ग्रामीणों को गर्मियों में होने वाली असुविधा से बचाया जा सकता है। ऐसा ही एक मामला सारस्ताल से सामने आया है।जहाँ सारस ताल से रामगुडा जाने वाली सड़क पर मुख्य बाजार में लगा हेण्डपम्प पिछले डेढ़ सालों से बन्द पड़ा है।डेढ़ साल पहले रोड बनाने से हेण्डपम्प मिट्टी में दब गया था जिससे हेण्डपम्प बन्द पड़ा है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत ग्रामपंचायत और पीएचई विभाग से की मगर जिम्मेदारों के कानों में जू तक नही रेंगी,जिसके चलते ग्रामीणों को पीने के पानी और निस्तार के लिये रोज दो-दो हाथ करना पड़ता है।ग्रामीणों ने बताया कि इस हैंडपंप का जल स्तर काफी अच्छा था और पूरा मोहल्ला जोकि लगभग 40-50घर के लोग यहां से पेयजल का उपयोग करते थे बाजार में भी यही एक पेयजल का मुख्य स्रोत था।इसके बन्द हो जाने से ग्रामीण बहुत दूर से पानी ढोने के लिए मजबूर है।
अभी गर्मियों का मौसम आ रहा है जो कि ग्रामीणों की परेशानी को और अधिक बढ़ा देगा।एक तो पानी दूर से ढो कर लाना पड़ रहा है, और साफ पानी भी पीने को नहीं मिल पा रहा है।प्राप्त जानकारी अनुसार जरा सी केसिंग बढ़ा दी जाए तो हैंडपंप जमीन से ऊपर आ जाएगा , और आसानी से चलने लगेगा।पर ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग की उदासीनता और लापरवाही के चलते समस्या बनी है,जिसका खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं।ग्रामीणों ने मांग की है कि उक्त हैंडपंप का अतिशीघ्र,तत्काल सुधार किया जाए।जिससे हमें शुद्ध पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सके।
