डिंडोरी किसी भी शहर/कस्बे में उचित जन स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए उस शहर / कस्बे की पर्याप्त स्वच्छ्ता एक महत्वपूर्ण पहलू है। इसलिए नगर पंचायत अपने क्षेत्र में समुचित सफाई और स्वच्छता और नगर सौन्दर्यीकरण कायम करने के लिए भी उत्तरदायी है। मगर नगर पंचायत डिण्डोरी अपने इन दायित्वों से मुँह फेरती नजर आ रही है।विगत वर्षों में नगर सौन्दर्यीकरण में करोड़ो रूपये खर्च तो किये मगर अब नो मेंटिनेंस के चलते नगर सौन्दरी करण आज अपनी दुर्दशा की कहानी खुद बयां कर रहा है।
शहर
का मुख्य चौराहा अवन्ति बाई चौक लंबे समय से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। नगर
परिषद की उदासीनता के चलते चौराहे की दयनीय स्थिति बनी हुई। अवन्ति बाई चौक में
सड़क के मध्य में बना खंडहरनुमा एक शोपीस जिसे जिले के सभी बड़े अधिकारी से लेकर
मंत्री संतरी सभी रोजाना गुजरते हुये देखते है मगर कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया।कि
इसका कुछ उधर हो सके। वहीं बगल में ही अवन्ति बाई स्मारक भी मोजूद है।वहाँ भी तीज
त्योहार साफ सफाई कर दी जाती है।स्मारक की बाउंड्रीवाल लगी लाइट लंबे समय से खराब हो
चुकी है साथ ही बाउंड्रीवाल का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है।इस ओर भी कभी
किसी जिम्मेदार की नजर नही जाती।
पुरानी डिंडोरी से सुबखार चंद्र विजय महाविद्यालय तक सड़क के बीच में लगाई गई रेलिंग भी आधी अधूरी और जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है।वहीं गार्डन में लगी हुई कुर्सियां और झूले भी क्षति ग्रस्त हो चुके हैं हालांकि नगर की समस्याओं पर खबरों के माध्यम से कई बार जिम्मेदारों को अवगत कराया गया पर जिम्मेदार इस ओर ध्यान नही देना चाहते या उन्हें ये जरूरी नहीं लगता। नगर की समस्याओं को हम लगातार प्रकाश में लाते रहेंगे।देखना है जिम्मेदार कब अपनी कुम्भकर्णी निद्रा से जागते है?

