राजेन्द्र तंतवाय की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, बुधवार 29 जुलाई, भारतीय संस्कृति की गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा को सजीव करने वाला गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहपुर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। पूरे विद्यालय परिसर में आध्यात्मिक वातावरण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और गुरुजनों के सम्मान ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं आदिगुरु महर्षि सांदीपनि के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, पूजन-अर्चन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य एम.के. पूसाम, पूर्व उच्च श्रेणी शिक्षक एम.एल. तंतवाय , आर.एस. मरावी, जनपद उपाध्यक्ष डिंडोरी श्रीमती रामकिशोरी ठाकुर, एसएमसी अध्यक्ष श्रीमती कांतीबाई श्याम, शाहपुर रामायण मंडली के सदस्य, विद्यालय परिवार के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने गीत, भाषण और प्रेरक प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए बताया कि गुरु ही जीवन के वास्तविक पथ-प्रदर्शक हैं। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र और जीवन मूल्यों का निर्माता होता है। उन्होंने वर्तमान समय में गुरु-शिष्य संबंधों के बीच बढ़ती दूरियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की यह महान परंपरा समाज की अमूल्य धरोहर है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रखना हम सभी का दायित्व है। वक्ताओं ने शासन द्वारा गुरु-शिष्य परंपरा को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी मुक्त कंठ से सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्राचार्य एम.के. पूसाम ने विद्यालय प्रभारी प्राचार्य मोहम्मद शहीद खान को विद्यालय परिसर में रोपण हेतु बरगद का पौधा भेंट किया। बरगद के पौधे को भारतीय संस्कृति में ज्ञान, दीर्घायु और स्थायित्व का प्रतीक बताते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
विद्यालय परिवार ने पूर्व प्राचार्य एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का श्रीफल एवं पेन भेंट कर आत्मीय सम्मान किया। सम्मान समारोह ने गुरुजनों के प्रति विद्यार्थियों और शिक्षकों के आदर एवं कृतज्ञता को और भी प्रगाढ़ बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं को मिष्ठान वितरण किया गया। विद्यालय प्रभारी प्राचार्य मोहम्मद शहीद खान ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, शाहपुर रामायण मंडली, शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु का सम्मान ही समाज के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी नींव है।

