एनटीपीसी के सीएसआर सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषज्ञों ने बताया— समय पर जांच ही सिकल सेल से बचाव की सबसे बड़ी कुंजी
राजेन्द्र तंतवाय की रिपोर्ट
आई विटनेस न्यूज 24, बुधवार 29 जुलाई, जनजातीय क्षेत्रों में तेजी से फैल रही सिकल सेल बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय रहते इसकी पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनजाति कल्याण केंद्र महाकोशल, बरगांव द्वारा एनटीपीसी के सीएसआर सहयोग से संचालित सिकल सेल नियंत्रण परियोजना के अंतर्गत कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, विक्रमपुर में सिकल सेल जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ-साथ उन्हें इस गंभीर आनुवंशिक बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई।
शिविर में विशेषज्ञ स्वास्थ्य टीम ने छात्राओं की सिकल सेल जांच कर उन्हें रोग के कारण, लक्षण, संभावित जोखिम, समय पर जांच की आवश्यकता तथा उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां सरल भाषा में समझाईं। विशेषज्ञों ने बताया कि सिकल सेल जैसी आनुवंशिक बीमारी की समय पर पहचान होने से मरीज को बेहतर उपचार और उचित परामर्श उपलब्ध कराया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और विद्यालय के शिक्षकों को यह भी बताया गया कि सिकल सेल की जानकारी छिपाने के बजाय समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह लेना ही सुरक्षित भविष्य की पहली शर्त है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा परिवार के अन्य सदस्यों को भी जांच के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
जनजाति कल्याण केंद्र महाकोशल के प्रतिनिधियों ने बताया कि सिकल सेल नियंत्रण परियोजना के तहत जनजातीय अंचलों में लगातार जांच शिविर, स्वास्थ्य परामर्श और जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें और इस बीमारी की रोकथाम में प्रभावी सफलता मिल सके।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनने का संदेश
शिविर के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि "समय पर जांच, सही जानकारी और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण ही सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।" कार्यक्रम ने छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ जनजातीय समाज को स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया।


