आदिवासी जिला डिण्डोरी मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में जमीन का दाम आसमान छू रहा है। शहर के चारों तरफ हर दिन प्लॉट की खरीद-बिक्री हो रही है और यह खरीद बिक्री एजेंटों के माध्यम से ही हो रही है लेकिन इन एजेंटों में से शायद किसी के पास कोई वैध लाइसेंस नहीं है।जिले में जमीन के बिचौलिये सबसे ज्यादा हावी हैं।
जमीन की खरीद बिक्री के लिए "रेरा" से रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है, लेकिन जिले में "रेरा" में रजिस्ट्रेशन के बिना ही सैकड़ों एजेंट जमीन का सौदा कर रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर जमीन की खरीद बिक्री हो रही है।प्रशासन को इस पर रोक लगाने की जरूरत है।
जिले में सक्रीय इन एजेंटों को शायद "रेरा" की जानकारी भी नहीं है। परंतु ये लोग इस सौदेबाजी में लगे हैं। इन एजेंटो के चलते जमीन की कीमत सरकारी आंकड़ों से कई गुना अधिक हो गई है। कहीं-कहीं तो दस गुना से भी अधिक है। सरकारी दर या बाजार दर में अंतर का फायदा विक्रेता को जबकि नुकसान खरीदार व सरकार को हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में दो दिन पहले ही 14/5/2024 को एक एजेंट का रजिस्ट्रेशन हुआ है।जो नगर पंचायत वार्ड नंबर 2 का बताया जा रहा है।
रेरा रजिस्ट्रेशन क्या होता है?
रेरा पंजीकरण उन प्रत्येक बिल्डर के लिए अनिवार्य है जो उस भूमि पर आवासीय या वाणिज्यिक संपत्ति बनाना चाहता है जिसका क्षेत्रफल 500 वर्ग मीटर से अधिक है या विकसित किए जाने वाले प्रस्तावित अपार्टमेंटों की संख्या सभी चरणों को मिलाकर आठ से अधिक है।

