आई विटनेस न्यूज 24, गुरुवार 18 जुलाई,कलेक्टर मिश्रा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में भू-अर्जन से संबंधित सिंचाई परियोजनाओं के संबंध में समीक्षा बैठक ली। बैठक में अनुविभागीय अधिकारी (रा.) शहपुरा/डिण्डौरी/बजाग, तहसीलदार शहपुरा/डिण्डौरी/बजाग, नायब तहसीलदार मेंहदवानी, जनपद पंचायत अधिकारियो, कार्यपालन यंत्री नर्मदा घाटी विकास मण्डला डिण्डौरी, जल संसाधन विभाग एवं निर्माण ऐजेंसीयो के (कन्सालटेंट) उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने बताया कि राघोपुर बहुउददेशीय परियोजना एवं बसानिया बहुउदेशीय परियोजना अपर नर्मदा परियोजना के अन्तर्गत प्रभावित कृषको की भूमि अर्जन की कार्यवाही किया जा रहा है। परियोजनाओ से संबंधित प्रभावित ग्रामो मे सर्वेक्षण एवं बांध निर्माण कार्य की प्रत्येक जानकारी अनुविभागीय अधिकारी/अपर कलेक्टर/कलेक्टर को समय-समय में शीघ्र अवगत करायेंगे। स्थानीय निवासियो को निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियो को चिन्हित करेगे एवं अवगत कराने के निर्देश दिये गये है। बांध निर्माण कराए जाने वाले कार्यों को स्थानीय निवासियो को बतायेंगे। बांध निर्माण मटेरियल को उचित स्थान पर पहुंचना एवं बांध निर्माण साईट पर रखे सामग्रीयो की सुरक्षा सुनिश्चित करेगे एवं स्थल पर निर्माण एजेंसी के तीन चार कर्मचारी को अनिवार्यत रखना सुनिश्चित करे। जल संसाधन विभाग एवं अन्य परियोजनाओं के लिए शासन को अर्द्धशासकीय पत्र प्रेषित कर बांध से संबंधित समुचित निर्देश प्राप्त करें। परियोजनाओ के लिए क्षतिघन राशि भू-अर्जन शाखा पीडी अकाउन्ट मे जमा कराया जाना सुनिश्चित करे। अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं उपखण्ड भू-अर्जन अधिकारियो को प्रभावित समस्त हितधारको की जांच कर अवार्ड की कार्यवाही करेंगे जिससे कोई भी कृषक मुआवजा से वंचित नहीं रहे। सभी जनपद पंचायत अधिकारियो को निर्देशित किया गया है कि डूब से प्रभावित ग्रामो में नवीन निर्माण कार्य नही कराये जाने हेतु निर्देश दिये गये है। सभी अनुविभागीय अधिकारियो (रा.) डिण्डौरी, शहपुरा, बजाग को डूब से प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिए शासकीय भूमि का चयन कर 07 दिवस में भूमि का चयन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गए है, ताकि पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन करने की कार्यवाही किया जा सके। राधवपुर बहुउददेशीय परियोजना एवं बसानिया बहुउदेशीय परियोजना, अपर नर्मदा परियोजना के लिए शासकीय भूमि का चयन के आधार पर तीनो परियोजनाओ के लिए पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिए एक समिति का गठन किया जायेगा।

