सावन माह के अंतिम सोमवार को शिवभक्ति की गूंज, महाकाल की पालकी रही आकर्षण का केंद्र
आई विटनेस न्यूज 24, सोमवार 4 अगस्त,सावन मास के अंतिम सोमवार को डिंडौरी जिले में शिवभक्ति का अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब कनई संगम मालपुर घाट से जल लेकर सैकड़ों कांवड़िए "बम भोले" के जयकारों के साथ करौंदी स्थित श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर की ओर रवाना हुए। श्रद्धा से ओतप्रोत इस यात्रा में भक्तों ने करीब 25 किलोमीटर की पदयात्रा नंगे पांव पूरी की।
यात्रा में पुरुषों के साथ महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। तपस्वियों की भांति चल रहे श्रद्धालु हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ भोलेनाथ की भक्ति में लीन नजर आए। इस बार यात्रा की विशेष बात यह रही कि पहली बार महाकाल की भव्य पालकी भी कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनी, जिसने श्रद्धालुओं में नई ऊर्जा भर दी।
रास्ते भर भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़े और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। पूरे जिले में अनेक स्थानों से कांवड़ यात्राएं निकलीं और शिवालयों में जलाभिषेक व विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन हुआ।
सेवा और सहयोग से भरी रही यात्रा
कांवड़ यात्रा के दौरान जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी अपना योगदान दिया:
पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष टेकेश्वर साहू द्वारा कांवड़ियों को अंगवस्त्र वितरित किए गए। समाजसेवी अरविंद बर्मन ने कांवड़ियों के लिए चाय-नाश्ते की व्यवस्था की। विजय साहू द्वारा फलों का वितरण किया गया।
जगह-जगह जलपान की व्यवस्था की गई।
आस्था की पूर्णता: जलाभिषेक, हवन और प्रसाद वितरण
करौंदी मंदिर पहुंचकर सभी श्रद्धालुओं ने भगवान श्री सोमेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। इसके उपरांत हवन और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
भक्तों का मानना है कि सावन में शिव को जल चढ़ाने से समस्त कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। यह आयोजन श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकजुटता का अनुपम उदाहरण बन गया।

