आई विटनेस न्यूज 24, शनिवार 27 सितम्बर,कलेक्टर श्रीमती नेहा मारव्या ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभागीय कार्यों और योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, एसडीओपी सतीश द्विवेदी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा से हुई, जिसमें कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय-सीमा का पालन करते हुए प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि आम नागरिकों को वास्तविक राहत मिल सके।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों की बारीकी से समीक्षा करते हुए जिले में जांच-परीक्षण, दवाइयों की उपलब्धता, अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती आमजन के लिए सबसे पहली प्राथमिकता है, इस पर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं और अब तक नामांकन से वंचित बच्चों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक पात्र बच्चा शत-प्रतिशत विद्यालय से जुड़ा हुआ दिखाई दे और उसकी सत्यापित जानकारी संबंधित विभाग समय पर प्रस्तुत करे।
इसके बाद बैठक में पीएम जनमन योजना के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जनजातीय समुदाय विशेषकर बैगा और भारिया परिवारों के लिए संचालित हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। उन्होंने पीएम जनमन आवास योजना की प्रगति पर भी चर्चा की और कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। इसी क्रम में उन्होंने कर्मयोगी अभियान अंतर्गत आयोजित “सेवा पर्व” की गतिविधियों की जानकारी ली, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित है। उन्होंने अधिकारियों को ग्राम स्तर पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने और अभियान को सफल बनाने हेतु सक्रिय प्रयास करने के निर्देश दिए।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती मारव्या ने खाद और बीज की उपलब्धता, उर्वरक भंडारण एवं वितरण की स्थिति, नरवाई प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग की प्रगति का आकलन किया। बैठक में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई यह दो वर्षीय योजना किसानों को क्लस्टर आधारित प्रशिक्षण, प्रदर्शन, जैव संसाधन केंद्र की स्थापना, प्राकृतिक खेती उत्पादों का प्रमाणीकरण, मार्केटिंग और ब्रांडिंग की दिशा में कार्य कर रही है। डिंडौरी जिले में इस योजना के अंतर्गत 50 क्लस्टर बनाए जाएंगे, जिनमें 6250 किसानों को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही 51 ग्राम पंचायतों के 110 गांवों को सम्मिलित कर 6250 हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती के दायरे में शामिल किया जाना है। किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र के मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा और उनके उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने के लिए रणनीति बनाई जाएगी।
कलेक्टर श्रीमती मारव्या ने बैठक में उद्योग और एमएसएमई विभाग द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भूमि आवंटन एवं चिन्हांकन की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना, विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत यंत्रों की उपलब्धता, सामुदायिक दावे, आईटीआई की गतिविधियां, पीएम विश्वकर्मा योजना, भू-अर्जन, जिले की सिंचाई परियोजनाओं और अभिलेखों के डिजिटलीकरण की स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयसीमा में पूर्ण किया जाए, ताकि भविष्य में अभिलेखों की पारदर्शिता और उपयोगिता सुनिश्चित हो सके।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिन विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां त्वरित सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे अपनी योजनाओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें, ताकि सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक समय पर पहुंच सके।

